महाकुंभ 2025: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया त्रिवेणी संगम में पुण्य स्नान, सर्वकल्याण की कामना
रायपुर,महाकुंभ 2025 के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज तीर्थराज प्रयाग के त्रिवेणी संगम में पुण्य स्नान कर विधिवत पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश और देशवासियों की सुख-समृद्धि एवं सर्वकल्याण की कामना की। महाकुंभ जैसे भव्य आयोजन में शामिल होकर उन्होंने इसे भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं की जीवंत धरोहर बताया।
त्रिवेणी संगम में श्रद्धा की डुबकी
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सुबह संगम तट पहुंचे, जहां उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पवित्र स्नान किया और विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न की। इस दौरान उन्होंने साधु-संतों का आशीर्वाद भी लिया और महाकुंभ में आकर स्वयं को सौभाग्यशाली बताया।
सनातन संस्कृति का प्रतीक है महाकुंभ
त्रिवेणी संगम में पुण्य स्नान के बाद उन्होंने कहा, “महाकुंभ सनातन परंपराओं का जीवंत प्रमाण है। यह आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिकता का महापर्व है, जहां करोड़ों श्रद्धालु आकर मोक्ष की प्राप्ति का संकल्प लेते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि यह आयोजन भारतीय संस्कृति की अद्वितीय छटा प्रस्तुत करता है और सनातन मूल्यों को सहेजने का कार्य करता है।
श्रद्धालुओं की उमड़ी भारी भीड़
महाकुंभ के चलते प्रयागराज में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। संगम तट पर साधु-संतों, तीर्थयात्रियों और श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक था। हर कोई पुण्य स्नान कर स्वयं को धन्य मान रहा था। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने आम जनमानस से शांति, स्वच्छता और समर्पण के साथ महाकुंभ का हिस्सा बनने की अपील की।
धार्मिक और आध्यात्मिक अनुभव
पूजा-अर्चना के पश्चात उपमुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह आत्मशुद्धि, सामाजिक समरसता और वैदिक संस्कृति का महोत्सव है। उन्होंने यह भी कहा कि त्रिवेणी संगम में स्नान करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।
महाकुंभ की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
उपमुख्यमंत्री ने इस दौरान महाकुंभ की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया और प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और स्वच्छता को लेकर किए गए प्रयासों की सराहना भी की।
साधु-संतों से लिया आशीर्वाद
संगम स्नान के बाद उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा अखाड़ों के संत-महात्माओं से भी मिले और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि संत समाज भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म की आधारशिला है, जिनके सान्निध्य में समाज को मार्गदर्शन मिलता है।
समाज के लिए की मंगलकामना
पूजा-अर्चना के बाद उपमुख्यमंत्री ने कहा, “मैंने छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के सुख, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की है। महाकुंभ का यह अवसर हमें आत्मशुद्धि और समाज के कल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।”
महाकुंभ 2025 का विशेष महत्व
महाकुंभ दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन माना जाता है। हर 12 साल में आयोजित होने वाले इस पर्व में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं। इस बार प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ में सुरक्षा और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है ताकि श्रद्धालु सुगमता से स्नान और दर्शन कर सकें।
श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह
उपमुख्यमंत्री की उपस्थिति से महाकुंभ में आए श्रद्धालुओं में भी विशेष उत्साह देखने को मिला। त्रिवेणी संगम में पुण्य स्नान कर उन्होंने धार्मिक और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।
इस अवसर पर राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्यजन भी उपस्थित रहे। महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि इसने धार्मिक चेतना को और प्रबल किया।
