मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच United Arab Emirates को लेकर बड़ा दावा सामने आया है। अमेरिकी अखबार The Wall Street Journal की रिपोर्ट के मुताबिक यूएई ने अप्रैल 2026 की शुरुआत में गुप्त रूप से Iran पर सीधे सैन्य हमले किए। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यूएई ने ईरानी क्षेत्र में मौजूद तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर चल रहे संघर्ष में सक्रिय भूमिका निभाई।
रिपोर्ट के अनुसार यूएई ने फारस की खाड़ी में स्थित Lavan Island की एक रिफाइनरी पर हमला किया। यह रिफाइनरी 2020 तक ईरान की 10वीं सबसे बड़ी रिफाइनरी मानी जाती थी, जहां प्रतिदिन लगभग 60 हजार बैरल कच्चे तेल का प्रसंस्करण किया जाता था। बताया गया कि हमले के बाद रिफाइनरी के कुछ हिस्सों का संचालन कई महीनों तक प्रभावित रहा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यूएई लंबे समय से क्षेत्रीय सुरक्षा और अपनी आर्थिक ताकत को लेकर चिंतित रहा है। पश्चिमी देशों में निर्मित आधुनिक लड़ाकू विमानों और निगरानी नेटवर्क से लैस यूएई अब केवल कूटनीतिक भूमिका तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई करने की रणनीति भी अपना रहा है।
यह कथित हमला ऐसे समय हुआ जब Donald Trump ने अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच पांच सप्ताह तक चले हवाई संघर्ष के बाद युद्धविराम की घोषणा की थी। हालांकि बाद में ट्रंप ने खुद कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम “बेहद कमजोर और नाजुक” स्थिति में है।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि हमले के बाद ईरान ने सार्वजनिक रूप से यूएई का नाम नहीं लिया, लेकिन उसने यूएई और कुवैत से जुड़े क्षेत्रों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हो पाई है।
यूएई की ओर से भी इन कथित हमलों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि यूएई के विदेश मंत्रालय ने पहले कहा था कि देश किसी भी शत्रुतापूर्ण कार्रवाई का जवाब देने का अधिकार रखता है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच Strait of Hormuz को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और यहां बढ़ता तनाव दुनिया भर के ऊर्जा बाजारों को प्रभावित कर सकता है।
फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी युद्धविराम को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन अब तक कोई अंतिम समाधान सामने नहीं आया है। ऐसे में यूएई की कथित भूमिका ने मध्य पूर्व की राजनीति और सुरक्षा समीकरणों को और जटिल बना दिया है।
