Yashasvi-Shefali Dope Test : नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में डोपिंग नियमों को लेकर सख्ती लगातार बढ़ती जा रही है। इसी बीच आईपीएल 2026 के दौरान एक नया मामला सामने आया है, जिसमें युवा क्रिकेटर Yashasvi Jaiswal और महिला क्रिकेटर Shafali Verma को नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (NADA) ने नोटिस भेजा है।
‘व्हेयरअबाउट क्लॉज’ के उल्लंघन का आरोप
रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों खिलाड़ी NADA के रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल (RTP) का हिस्सा हैं, जहां खिलाड़ियों को अपनी लोकेशन पहले से बतानी होती है। आरोप है कि दोनों खिलाड़ियों ने तय समय पर टेस्टिंग टीम को अपनी लोकेशन पर नहीं पाया, जिसे नियमों के अनुसार “व्हेयरअबाउट फेलियर” माना जाता है।
अलग-अलग तारीखों पर मिस हुआ डोप टेस्ट
जानकारी के मुताबिक 17 दिसंबर को यशस्वी जायसवाल अपने बताए गए स्थान पर मौजूद नहीं थे, जबकि 7 नवंबर को शेफाली वर्मा भी निर्धारित जगह पर नहीं मिलीं। इसके बाद दोनों खिलाड़ियों का डोप टेस्ट पूरा नहीं हो सका।
नोटिस का जवाब नहीं देने से बढ़ी कार्रवाई
NADA ने दोनों खिलाड़ियों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा था, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने तय समय पर कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद एजेंसी ने इसे ‘मिस टेस्ट’ के तौर पर दर्ज कर लिया और मामला भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड Board of Control for Cricket in India तक पहुंचा दिया गया।
अब आगे क्या होगा
फिलहाल यह मामला गंभीर अनुशासनात्मक कार्रवाई की श्रेणी में नहीं आया है। नियमों के मुताबिक किसी खिलाड़ी को 12 महीने में 3 बार टेस्ट मिस करने पर ही कार्रवाई होती है। अगर बार-बार उल्लंघन होता है और जवाब संतोषजनक नहीं मिलता, तो 2 साल तक का बैन भी लगाया जा सकता है।
BCCI और ICC की निगरानी में मामला
पूरा मामला अब NADA के साथ-साथ International Cricket Council की निगरानी में भी है। दोनों संस्थाएं एंटी-डोपिंग नियमों को लेकर बेहद सख्त हैं और खिलाड़ियों से नियमों का पालन सुनिश्चित करने की अपेक्षा रखती हैं।
