China Former Defense Ministers Fenhe and Shangfu : बीजिंग। चीन में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सरकार में रक्षा मंत्री रह चुके दो पूर्व अधिकारियों वेई फेन्हे और ली शांगफू को भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में मौत की सजा सुनाई गई है। दोनों पर रिश्वतखोरी, महंगे गिफ्ट लेने और अनियमित ठेकेदारी के आरोप हैं।
2024 में शुरू हुई थी जांच
चीन की अदालत ने दो साल की सुनवाई के बाद दोनों पूर्व मंत्रियों को दोषी पाया। वेई फेन्हे 2018 से 2023 तक रक्षा मंत्री थे, जबकि ली शांगफू उनके बाद कुछ महीनों के लिए इस पद पर रहे। 2024 में दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच शुरू की गई थी। दोनों ही चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) के सदस्य थे और एक समय शी जिनपिंग के करीबी माने जाते थे।
क्या थे आरोप?
वेई फेन्हे पर कमीशन लेने, ठेकेदारों से महंगे गिफ्ट स्वीकार करने और अकूत संपत्ति जमा करने के आरोप लगे थे। ली शांगफू पर ठेकेदारी प्रक्रिया में अनियमितताएं बरतने का आरोप था। दोनों पर रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालते हुए भ्रष्ट आचरण का मामला दर्ज किया गया।
भ्रष्टाचार पर चीन की जीरो टॉलरेंस नीति
चीन में भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त सजा दी जाती है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 2012 में भ्रष्टाचार विरोधी अभियान शुरू किया था। तब से अब तक 10 लाख से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारी सजा भुगत चुके हैं। हाल के वर्षों में कई उच्च पदाधिकारियों को मौत की सजा दी गई है।
रक्षा क्षेत्र में सख्ती
रक्षा मंत्रालय से जुड़े इन दोनों मामलों ने चीन की सेना और प्रशासन में भ्रष्टाचार पर शी जिनपिंग की सख्ती को फिर से उजागर किया है। सरकार का कहना है कि भ्रष्टाचार राष्ट्र की सुरक्षा और विकास के लिए खतरा है।
