Bangladesh Measles Outbreak Vaccine Crisis : ढाका। पड़ोसी देश बांग्लादेश में खसरे की महामारी तेजी से फैल रही है। अब तक 294 बच्चों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 10 और बच्चों की जान गई है। देश के कई हिस्सों में वैक्सीन की कमी और टीकाकरण व्यवस्था के फेल होने से स्थिति और गंभीर होती जा रही है।
राजनीतिक उथल-पुथल का असर
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जुलाई 2024 के राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना सरकार के हटने और मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के आने से वैक्सीन खरीद प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित हुई। सितंबर 2025 में अंतरिम सरकार ने यूनिसेफ के माध्यम से वैक्सीन खरीदने की पुरानी व्यवस्था बंद कर दी और ओपन टेंडर सिस्टम अपनाया, जिससे आपूर्ति में भारी देरी हुई। नतीजतन, देशभर में टीकाकरण दर में भारी गिरावट आई।
किन इलाकों में सबसे ज्यादा असर?
खसरे का संक्रमण ढाका, बारिशाल, चटगांव, खुलना और सिलहट जैसे प्रमुख डिवीजनों में तेजी से फैल रहा है। विशेष रूप से बंदरबान जिले के अलीकादम जैसे दूर-दराज के पहाड़ी इलाकों में स्थिति बेहद चिंताजनक है। यहां बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं और वैक्सीन की कमी के कारण ग्रामीण लोग अपने बच्चों का इलाज हर्बल दवाओं और पारंपरिक नुस्खों से करने को मजबूर हैं। अब तक देश में 5,313 पुष्ट मामले सामने आए हैं, जबकि 40,491 संदिग्ध मामले दर्ज किए गए हैं।
WHO की चेतावनी, इमरजेंसी घोषित करने की मांग
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी दी है कि यदि तुरंत टीकाकरण अभियान नहीं तेज किया गया तो बीमारी और तेजी से फैल सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बांग्लादेश सरकार से तत्काल पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित करने की अपील की है। उनका कहना है कि हालात पहले से ही गंभीर हैं और इसमें देरी नहीं करनी चाहिए।
