अमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के प्रयास में मार्को रुबियो वेटिकन और इटली के दौरे पर पहुंचे हैं। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब डोनाल्ड ट्रंप के बयानों और नीतियों के चलते वेटिकन और यूरोपीय देशों के साथ संबंधों में खटास आई है।
रुबियो की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य पोप प्रतिनिधियों और इटली के शीर्ष नेताओं के साथ बातचीत कर बिगड़े रिश्तों को संभालना है। वे वेटिकन के वरिष्ठ अधिकारी पिएत्रो पारोलिन से मुलाकात कर सकते हैं। साथ ही इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी सरकार के मंत्रियों से भी चर्चा की संभावना है।
तनाव की बड़ी वजह अमेरिका की विदेश नीति रही है। ईरान को लेकर रुख, टैरिफ विवाद और यूरोप में सैन्य तैनाती जैसे मुद्दों पर मतभेद गहराए हैं। हाल ही में अमेरिका द्वारा जर्मनी से हजारों सैनिकों को वापस बुलाने की योजना ने भी यूरोपीय देशों की चिंता बढ़ाई है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने इटली और अन्य यूरोपीय देशों के सहयोग पर सवाल उठाते हुए नाराजगी जाहिर की थी, जिससे रिश्तों में और कड़वाहट आई। ऐसे में रुबियो की यह यात्रा कूटनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है, जो अमेरिका-यूरोप संबंधों को स्थिर करने की दिशा में एक प्रयास है।
