Paytm : नई दिल्ली। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने एक अहम और सख्त कदम उठाते हुए पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है। यह फैसला 24 अप्रैल से प्रभावी हो गया है। RBI के अनुसार, बैंक ने लाइसेंस की शर्तों का पालन नहीं किया और उसका संचालन जनहित के अनुरूप नहीं पाया गया, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई।
बैंकिंग गतिविधियों पर पूरी तरह रोक
RBI के आदेश के बाद अब पेटीएम पेमेंट्स बैंक किसी भी प्रकार की बैंकिंग सेवाएं नहीं दे सकेगा। बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 के तहत उसे सभी वित्तीय गतिविधियां तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, केंद्रीय बैंक ने बैंक को बंद करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए कानूनी कदम उठाने की भी बात कही है।
पहले भी लग चुके थे कई प्रतिबंध
यह पहली बार नहीं है जब पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर कार्रवाई हुई है। इससे पहले मार्च 2022 में नए ग्राहकों को जोड़ने पर रोक लगाई गई थी। इसके बाद 2024 में खातों और वॉलेट्स में नए जमा पर भी प्रतिबंध लगाया गया। लगातार सामने आ रही खामियों के चलते RBI ने अंततः लाइसेंस रद्द करने का फैसला लिया।
UPI सेवाओं पर नहीं पड़ेगा असर
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि पेटीएम के UPI सेवाओं पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। कंपनी अन्य बैंकों के साथ साझेदारी के जरिए UPI सेवाएं संचालित करती है, इसलिए यूजर्स पहले की तरह ही डिजिटल पेमेंट और ट्रांजेक्शन कर सकेंगे।
ग्राहकों के पैसे को लेकर आश्वासन
RBI ने स्पष्ट किया है कि बैंक के पास जमाकर्ताओं का पैसा लौटाने के लिए पर्याप्त फंड मौजूद है। ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है, उनके जमा धन की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
क्या है इसका व्यापक असर?
इस फैसले को बैंकिंग सेक्टर में एक बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है, जो यह संदेश देता है कि नियमों के उल्लंघन पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम पर इसका कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा और आम यूजर्स की सुविधाएं पहले की तरह जारी रहेंगी।
