Hanuman Jayanti : नई दिल्ली: 2 अप्रैल 2026 को देशभर में हनुमान जयंती का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस पावन दिन भक्त बजरंगबली की विशेष पूजा-अर्चना कर उनसे सुख-समृद्धि और संकटों से मुक्ति की कामना करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन यदि सही विधि से पूजा कर हनुमान जी को उनकी प्रिय वस्तुओं का भोग लगाया जाए, तो वे शीघ्र प्रसन्न होकर भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
कलयुग के जागृत देवता हैं हनुमान जी
शास्त्रों के अनुसार, हनुमान जी को कलयुग का जागृत देवता माना जाता है। उन्हें ‘संकट मोचन’ कहा जाता है, क्योंकि वे अपने भक्तों के कष्टों को तुरंत दूर करने वाले देव हैं। ऐसे में हनुमान जयंती का दिन उनकी कृपा पाने के लिए विशेष महत्व रखता है।
हनुमान जी को प्रिय 5 भोग
1. बूंदी या बेसन के लड्डू
हनुमान जी को पीले और नारंगी रंग की वस्तुएं अत्यंत प्रिय होती हैं। ऐसे में बूंदी या बेसन के लड्डू चढ़ाना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे ग्रह दोष कम होते हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है।
2. केले का भोग
फलों में केला हनुमान जी का प्रिय माना गया है। जयंती के दिन उन्हें केले का जोड़ा अर्पित करने से भक्ति और सरलता का भाव प्रकट होता है और भगवान की विशेष कृपा मिलती है।
3. गुड़ और चना
गुड़ और भुना चना हनुमान जी का अत्यंत प्रिय प्रसाद है। यह मंगल दोष को दूर करने में सहायक माना जाता है। परंपरा के अनुसार, बंदरों को गुड़-चना खिलाना भी हनुमान जी की सेवा मानी जाती है।
4. मीठा पान
अगर जीवन में कोई बड़ी समस्या हो, तो हनुमान जी को मीठा पान चढ़ाना लाभकारी माना जाता है। इसमें गुलकंद, सौंफ और कत्था होना चाहिए। यह प्रतीक है कि आपने अपनी समस्या भगवान को समर्पित कर दी है।
5. सिंदूर और चमेली का तेल
हालांकि यह खाने की वस्तु नहीं है, लेकिन सिंदूर और चमेली के तेल का चोला चढ़ाना हनुमान जी की पूजा में विशेष महत्व रखता है। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और आत्मविश्वास बढ़ता है।
पूजा का महत्व
हनुमान जयंती के दिन विधिपूर्वक पूजा, हनुमान चालीसा का पाठ और भोग अर्पित करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
