धरसींवा। धरसींवा खंड अंतर्गत ग्राम परसतराई में आज छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी एवं सहयोगी संगठनों द्वारा संयुक्त बैठक एवं सदस्यता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाना तथा छत्तीसगढ़िया अस्मिता की लड़ाई को गांव-गांव तक पहुंचाना रहा।
इस अवसर पर संगठन के जुझारू सेनानी भाइयों को विभिन्न संगठनात्मक पदभार सौंपे गए, वहीं संगठन को मजबूत बनाने और भविष्य की रणनीति को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में युवा संगवारी, भाई-बहन, दीदी एवं महतारी संगवारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिससे कार्यक्रम में उत्साह और ऊर्जा का माहौल बना रहा।
बैठक के दौरान कुल 25 नए साथियों ने संगठन की सदस्यता ग्रहण की तथा छत्तीसगढ़, छत्तीसगढ़ी भाषा और छत्तीसगढ़िया अस्मिता की रक्षा एवं विकास के लिए दिन-रात समर्पित भाव से कार्य करने की शपथ ली।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि आज छत्तीसगढ़ का युवा बड़ी संख्या में क्षेत्रीय विचारधारा से जुड़ रहा है और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी एवं छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना का दामन थाम रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन के प्रमुख वर्तमान में जेल में बंद हैं, जिससे विरोधी दलों को यह भ्रम हो सकता है कि संगठन कमजोर पड़ेगा, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। संगठन आज पहले से कहीं अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि पार्टी प्रमुख द्वारा जिन अनुभवी और समर्पित साथियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, वे पूरी निष्ठा से अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं और छत्तीसगढ़िया अस्मिता की अलख को गांव-गांव तक पहुंचा रहे हैं।
इस अभियान में महिलाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिली, जो संगठन की बढ़ती ताकत और सामाजिक स्वीकार्यता को दर्शाता है। संगठन विस्तार के तहत सभी सेनानी एवं पदाधिकारियों को घर-घर जाकर जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए, जिस पर उपस्थित सभी साथियों ने सर्वसम्मति से सहमति व्यक्त की।
वक्ताओं ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में यह आंदोलन और अधिक तेज होगा तथा राष्ट्रीय पार्टियों की चुनौतियां निश्चित रूप से बढ़ेंगी। संगठन ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़िया हक, अधिकार और स्वाभिमान की यह लड़ाई किसी भी परिस्थिति में रुकने वाली नहीं है।
