रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन का असहयोग आंदोलन तेज हो गया है। शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि को लेकर चल रहे विवाद के बीच एसोसिएशन ने 18 अप्रैल को प्रदेशभर के सभी निजी स्कूल बंद रखने का ऐलान किया है।
जानकारी के अनुसार, स्कूल संचालक लंबे समय से सरकार से प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि वर्तमान में मिलने वाली राशि स्कूलों के संचालन और अन्य खर्चों के मुकाबले काफी कम है, जिससे आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसी के विरोध में अब आंदोलन को तेज किया गया है।
एसोसिएशन के निर्णय के मुताबिक, 18 अप्रैल को प्रदेश के सभी प्राइवेट स्कूल पूरी तरह बंद रहेंगे, जिससे उस दिन शिक्षण कार्य प्रभावित रहेगा। स्कूल संचालकों का कहना है कि यह कदम सरकार तक अपनी मांगों को मजबूती से पहुंचाने के लिए उठाया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि जब तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
इससे पहले 17 अप्रैल को स्कूल संचालक और शिक्षक काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। इसे प्रतीकात्मक विरोध के रूप में देखा जा रहा है। इस दिन स्कूल खुले रहेंगे, लेकिन शिक्षक और स्टाफ अपनी नाराजगी दर्ज कराएंगे।
प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने संकेत दिए हैं कि यदि सरकार ने जल्द ही इस मुद्दे पर निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र हो सकता है। असहयोग आंदोलन के तहत प्रशासनिक कार्यों में भी सहयोग नहीं करने की रणनीति बनाई जा रही है, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ने की संभावना है।
इस आंदोलन के चलते अभिभावकों और छात्रों की चिंता बढ़ गई है, वहीं सरकार और स्कूल संचालकों के बीच टकराव की स्थिति भी गहराती नजर आ रही है।
