कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का जंतर-मंतर पर चल रहा विरोध प्रदर्शन मंगलवार को 24वें दिन में प्रवेश कर गया। संसद मार्च के दौरान हुई झड़पों और सुरक्षा कड़ी होने के बावजूद प्रदर्शनकारी धरना स्थल पर डटे रहे। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए सरकार पर उनकी मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
पार्टी ने बताया कि सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ हुई बैठक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं मिला और अब पार्टी तब तक बातचीत नहीं करेगी, जब तक सरकार के प्रतिनिधि स्वयं प्रदर्शन स्थल पर नहीं आते।
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दावा किया कि संसद मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारी घायल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि एक युवती गंभीर रूप से घायल होकर राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती है। पार्टी ने पुलिस पर अत्यधिक बल प्रयोग, लाठीचार्ज और प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार के आरोप भी लगाए हैं।
प्रदर्शनकारियों का यह भी आरोप है कि जंतर-मंतर स्थित धरना स्थल की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई, जिससे रात के समय पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूबा रहा। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी मंच के आसपास डटे रहे और आंदोलन जारी रखा।
उधर, संसद मार्च के दौरान पुलिस की कथित कार्रवाई के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगा। वहीं, अभिजीत दिपके ने प्रदर्शन स्थल के आसपास पत्थरों से भरे ट्रकों की मौजूदगी पर भी सवाल उठाते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की।
