छत्तीसगढ़ के दुर्ग में प्रदेशभर से आए हजारों अतिथि शिक्षक अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। नियमितीकरण, संविलियन, समान कार्य के लिए समान वेतन और सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे शिक्षकों ने सोमवार को स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के दुर्ग स्थित सरकारी निवास का घेराव करने का प्रयास किया।
मंत्री निवास की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोक दिया। इस दौरान पुलिस और अतिथि शिक्षकों के बीच धक्का-मुक्की और हल्की झड़प की स्थिति भी बनी। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद बड़ी संख्या में शिक्षक सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और रात वहीं बिताई।
प्रदर्शनकारी शिक्षकों का कहना है कि वे वर्षों से सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें नियमितीकरण, सेवा सुरक्षा, संविलियन और समान वेतन जैसी सुविधाएं नहीं मिली हैं। उनका आरोप है कि सरकार से कई बार मांग करने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
इससे पहले अतिथि शिक्षक अपनी मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम खून से पत्र लिख चुके हैं। उनका कहना है कि यदि सरकार उनके भविष्य को सुरक्षित नहीं कर सकती, तो उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार भी नहीं मिल रहा है।
वहीं, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस मुद्दे पर कहा कि विद्यामितान और अतिथि शिक्षकों के मामले में सरकार उचित निर्णय लेगी। फिलहाल प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर जल्द फैसला होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।
