बिजनेस डेस्क। भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को आईटी सेक्टर में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। देश की प्रमुख आईटी कंपनी इंफोसिस के शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान 8 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी आईटी कंपनी एक्सेंचर के कमजोर आउटलुक के बाद वैश्विक बाजारों में बने नकारात्मक माहौल का असर भारतीय आईटी शेयरों पर भी दिखाई दिया।
बीएसई पर इंफोसिस का शेयर पिछले बंद भाव 1,127.25 रुपये के मुकाबले गिरावट के साथ खुला और कारोबार के दौरान 1,030.35 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। यह शेयर का नया 52 सप्ताह का निचला स्तर भी रहा। बाद में शेयर कुछ संभला, लेकिन दिनभर दबाव में बना रहा।
इंफोसिस के साथ-साथ अन्य आईटी कंपनियों के शेयरों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। टीसीएस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, विप्रो और कोफोर्ज समेत अधिकांश आईटी शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। निफ्टी आईटी इंडेक्स में भी करीब 6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिकी कंपनी एक्सेंचर द्वारा जारी किए गए कमजोर आय अनुमान के बाद निवेशकों ने आईटी सेक्टर में मुनाफावसूली शुरू कर दी। इसका सीधा असर भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर पड़ा, क्योंकि इन कंपनियों का बड़ा कारोबार अमेरिकी बाजारों से जुड़ा हुआ है।
विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और तकनीकी सेवाओं की मांग में संभावित नरमी को लेकर निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं। हालांकि, दीर्घकालिक निवेशकों के लिए यह गिरावट अवसर भी साबित हो सकती है, लेकिन निकट भविष्य में आईटी सेक्टर में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
आईटी शेयरों में आई इस बड़ी गिरावट ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया है और निवेशकों की निगाहें अब आने वाले वैश्विक आर्थिक संकेतकों तथा कंपनियों के तिमाही नतीजों पर टिकी हुई हैं।
