अंतरराष्ट्रीय डेस्क। मध्य पूर्व में शांति बहाली की उम्मीदों को उस समय बड़ा झटका लगा, जब अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते के अगले ही दिन दक्षिणी लेबनान में भीषण हिंसा भड़क उठी। रिपोर्टों के अनुसार, इजरायली हवाई हमलों और गोलाबारी में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए हैं।
स्थानीय मीडिया के मुताबिक नबातीह जिले समेत कई कस्बों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया। हमलों के कारण कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। राहत एवं बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार अभियान चला रहे हैं।
बताया जा रहा है कि नबातीह, कफर जौज, कफर रेमन, जेबदीन, कफर तिबनित और रेहान हाइट्स जैसे इलाकों में हवाई हमले और तोपखाने की गोलाबारी की गई। कई स्थानों पर आवासीय भवनों को नुकसान पहुंचा है, जिससे आम नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरान ने हाल ही में क्षेत्रीय तनाव कम करने और सैन्य गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौते की घोषणा की थी। समझौते में लेबनान सहित पूरे क्षेत्र में शत्रुतापूर्ण गतिविधियों को समाप्त करने पर जोर दिया गया था।
विश्लेषकों का मानना है कि समझौते के तुरंत बाद हुई यह हिंसा मध्य पूर्व में स्थायी शांति की राह को और चुनौतीपूर्ण बना सकती है। ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और शांति प्रयासों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर लेबनान की स्थिति पर टिकी हुई है और आने वाले दिनों में इस घटनाक्रम का असर क्षेत्रीय कूटनीति पर भी देखने को मिल सकता है।
