ग्लासगो, 30 जुलाई 2026। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के स्टार लॉन्ग जंप खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 13 पहुंच गई है। श्रीशंकर ने फाइनल में 8.09 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाकर दूसरा स्थान हासिल किया और लगातार दूसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने का इतिहास रच दिया।
27 वर्षीय मुरली श्रीशंकर ने इससे पहले बर्मिंघम 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में भी लॉन्ग जंप में रजत पदक जीता था। अब वह इस स्पर्धा में लगातार दो कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।
फाइनल मुकाबले में श्रीशंकर ने पहले प्रयास में 8.03 मीटर की छलांग लगाई। दूसरे प्रयास में उन्होंने 8.09 मीटर की शानदार छलांग लगाकर सिल्वर मेडल लगभग पक्का कर लिया। इसके बाद उनके तीसरे और चौथे प्रयास फाउल रहे, लेकिन दूसरा प्रयास उन्हें पोडियम तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त साबित हुआ।
मुरली श्रीशंकर ने पिछले वर्ष घुटने की चोट से उबरने के बाद शानदार वापसी की है। इससे पहले वह 2023 एशियन गेम्स और एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी रजत पदक जीत चुके हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में लॉन्ग जंप स्पर्धा में भारत के लिए इससे पहले सुरेश बाबू (1978, कांस्य), अंजू बॉबी जॉर्ज (2002, कांस्य) और एम. प्रजुषा (2010, रजत) पदक जीत चुके हैं। अब मुरली श्रीशंकर ने लगातार दूसरी बार सिल्वर जीतकर भारतीय एथलेटिक्स में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है।
