नई दिल्ली। लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा, राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अनशन के 21वें दिन तबीयत बिगड़ने पर दिल्ली पुलिस अस्पताल ले गई। लगातार उपवास के कारण उनकी स्वास्थ्य स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह के अनुरूप वांगचुक को आवश्यक चिकित्सा देखभाल के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस के अनुसार, अस्पताल ले जाने की कार्रवाई के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने विरोध किया, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बनी। हालांकि, पुलिस ने संयम बरतते हुए पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी कराई।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से भी शांतिपूर्ण तरीके से धरना समाप्त करने और जंतर-मंतर खाली करने की अपील की है।
सोनम वांगचुक और उनके समर्थक लंबे समय से लद्दाख को राज्य का दर्जा देने, संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। फिलहाल अस्पताल में डॉक्टरों की टीम उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए है।
