नेपाल में एक राइड-शेयर ड्राइवर की मौत के बाद राजधानी काठमांडू समेत कई इलाकों में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों और विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री बालेन शाह से इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार पर प्रशासनिक विफलता का आरोप लगाया है। बड़ी संख्या में युवा सड़कों पर उतरकर मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पार्किंग विवाद के बाद ड्राइवर ने लगाई थी खुद को आग
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, राइड-शेयर ड्राइवर गणेश नेपाली का काठमांडू के त्रिपुरेश्वर क्षेत्र में ट्रैफिक और नगर निगम अधिकारियों के साथ पार्किंग को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि अधिकारियों ने उनकी मोटरसाइकिल का पहिया लॉक कर टो करने की कार्रवाई शुरू कर दी, जिसके बाद उन्होंने विरोध स्वरूप खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली।
गंभीर रूप से झुलसे गणेश नेपाली को बीर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उन्हें बेहतर इलाज के लिए नई दिल्ली के एम्स ले जाने की योजना भी बनाई गई थी, लेकिन उनकी गंभीर स्थिति के कारण यह संभव नहीं हो सका।
संसद में सरकार पर विपक्ष का हमला
घटना के बाद नेपाल की संसद में भी सरकार को विपक्ष के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा। विपक्षी सांसदों ने प्रधानमंत्री बालेन शाह की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उनसे जनता के प्रति जवाबदेह होने की मांग की। कई नेताओं ने सीधे तौर पर उनके इस्तीफे की मांग भी उठाई।
सड़कों पर उतरे सैकड़ों प्रदर्शनकारी
गणेश नेपाली की मौत के बाद काठमांडू में सैकड़ों लोग न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन की कार्रवाई और कथित उत्पीड़न के कारण यह घटना हुई। सोशल मीडिया पर भी मामले को लेकर व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
पहले भी विवादों में रही है सरकार
यह पहली बार नहीं है जब बालेन शाह के नेतृत्व वाली सरकार को विरोध का सामना करना पड़ा है। पिछले महीने भारत-नेपाल सीमा से जुड़े एक बयान को लेकर भी सरकार की आलोचना हुई थी, जिसके बाद छात्र संगठनों और विपक्षी दलों ने प्रदर्शन किए थे।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, गणेश नेपाली ने घटना से कुछ दिन पहले अपने परिजनों को बताया था कि उन पर बार-बार जुर्माना लगाया जा रहा था और उनकी मोटरसाइकिल को कई बार लॉक किया गया, जिससे वे मानसिक रूप से परेशान थे। उनके परिवार का आरोप है कि उन्होंने अंतिम समय में भी प्रशासनिक कार्रवाई को अपनी परेशानी का कारण बताया था।
