उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने जशपुर में पहली बार आयोजित ‘चेकमेट एट जशपुर – अखिल भारतीय ओपन फिडे रेटेड शतरंज प्रतियोगिता 2026’ का शुभारंभ किया। प्रतियोगिता का आयोजन 29 अगस्त से 1 सितंबर तक जशपुर के पुरानी टोली स्थित कम्युनिटी हॉल में किया जा रहा है।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग और जशपुर जिला शतरंज संघ के संयुक्त आयोजन में हो रही इस प्रतियोगिता में देश के 12 राज्यों से 175 से अधिक खिलाड़ी और कोच हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता के माध्यम से जशपुर में शतरंज खेल को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा का अवसर मिल रहा है।
शतरंज जीवन जीने की कला सिखाता है : अरुण साव
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि शतरंज परंपरा और संस्कृति से जुड़ा खेल है, जो हमें जीवन जीने की कला सिखाता है। यह खेल धैर्य बनाए रखने, कोई कदम उठाने से पहले सोचने और सही निर्णय लेने की सीख देता है।
उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में धैर्य नहीं खोना, एकाग्रता बनाए रखना, सोच-समझकर आगे बढ़ना और हर चुनौती का सामना करना शतरंज से सीखा जा सकता है। शतरंज के 64 खानों और 32 मोहरों में जीवन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सीख छिपी हुई हैं।
शुभारंभ कार्यक्रम में वनवासी कल्याण आश्रम के योगेश बापट, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जशपुर जनपद पंचायत अध्यक्ष गंगा राम भगत, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह और मुख्य नगर पालिका अधिकारी योगेश्वर उपाध्याय सहित जनप्रतिनिधि, खिलाड़ी और कोच बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
