Nepal Flash Flood : नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। तेज बहाव के कारण बाजार, सड़कें, पुल, मकान और जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। बाढ़ और मलबे की चपेट में आने से अब तक 100 से ज्यादा शव बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
133 भारतीयों समेत 403 लोग लापता
फ्लैश फ्लड के बाद नेपाल में नेपाली नागरिकों के साथ बड़ी संख्या में विदेशी नागरिकों के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक कुल 403 लोग लापता बताए गए हैं, जिनमें 203 महिलाएं और 200 पुरुष शामिल हैं। लापता लोगों में 341 विदेशी नागरिक हैं, जिनमें 133 भारतीय नागरिक बताए जा रहे हैं। इसके अलावा 62 नेपाली नागरिकों के भी लापता होने की सूचना है।
तिमुरे बाजार में अचानक बढ़ा नदी का जलस्तर
जिला पुलिस कार्यालय के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 9 बजे तिमुरे बाजार के आसपास अचानक बाढ़ का पानी पहुंचा। देखते ही देखते भोटेकोशी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और निचले इलाकों में पानी भर गया। तेज बहाव के कारण कई घरों, दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा। कई वाहन और सामान भी पानी के साथ बह गए।
1000 लोगों के बहने की आशंका
स्थानीय रिपोर्टों में इस आपदा के दौरान करीब 1000 लोगों के बहने की आशंका जताई गई है, हालांकि इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक करीब 30 पुलिसकर्मियों के भी लापता होने की सूचना है। राहत दल प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लापता लोगों की तलाश और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटे हैं।
हेलीकॉप्टर से 250 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू
नेपाल सरकार ने सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस को राहत एवं बचाव अभियान में लगाया है। हेलीकॉप्टरों की मदद से 250 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाले जाने की जानकारी सामने आई है। घायलों के इलाज के लिए काठमांडू के वीर अस्पताल और राष्ट्रीय ट्रमा सेंटर में 100 बेड आरक्षित किए गए हैं।
पीएम बालेन शाह ने बुलाई आपात बैठक
भीषण बाढ़ के बाद नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन को लेकर आपात बैठक बुलाई। उन्होंने प्रभावित इलाकों के प्रमुख जिलाधिकारियों से संपर्क कर हालात की जानकारी ली और राहत-बचाव अभियान को तेज करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री ने आपदा में हुई जनहानि और संपत्ति के नुकसान पर दुख जताते हुए कहा कि सरकार इस मुश्किल घड़ी में प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है।
कई जिलों में हाई अलर्ट
भोटेकोशी नदी के उफान के बाद नेपाल के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। रसुवा के अलावा नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन जैसे जिलों में नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने लोगों से नदियों के आसपास नहीं जाने और खतरा बढ़ने की स्थिति में तत्काल सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर पहुंचने की अपील की है।
पुल और सड़कें भी बाढ़ में बहीं
बाढ़ की तेज धार ने कई संपर्क मार्गों और पुलों को भी नुकसान पहुंचाया है। रसुवा में पिछले साल बाढ़ से प्रभावित स्थान पर हाल ही में बनाया गया नया पुल भी तेज पानी की चपेट में आकर बह गया। सड़कों को नुकसान पहुंचने के कारण राहत और बचाव दलों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
हाइड्रोपावर परियोजनाओं को भारी नुकसान
भोटेकोशी नदी के तेज बहाव से क्षेत्र की कई जलविद्युत परियोजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट समेत कई परियोजनाओं को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक पानी का बहाव इतना तेज था कि ऐसा लग रहा था जैसे अचानक कोई बांध टूट गया हो।
तिमुरे में हेलीकॉप्टर नहीं कर सका लैंडिंग
बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए भेजा गया एक रेस्क्यू हेलीकॉप्टर तिमुरे में सुरक्षित लैंड नहीं कर सका। बताया गया कि तेज बहाव के कारण स्थानीय हेलीपैड पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। पायलट के मुताबिक ऊपर से देखने पर पूरा इलाका बाढ़ के पानी और मलबे से ढका नजर आ रहा था।
बिहार में भी बढ़ सकती है चिंता
नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के कारण भारत के बिहार में भी नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। बगहा, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण के नदी किनारे रहने वाले लोगों को प्रशासन की ओर से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है।
