The Hundred 2026 Manchester Super Giants Campion: द हंड्रेड 2026 में मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने आखिरकार अपना पहला खिताब जीत लिया है। लगातार दो बार फाइनल में पहुंचकर निराश होने वाली टीम ने इस बार ट्रेंट रॉकेट्स को 5 विकेट से हराकर ट्रॉफी अपने नाम की। 16 अगस्त को खेले गए फाइनल में मैनचेस्टर के लिए टिम साइफर्ट ने बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया और टीम की जीत की नींव रखी।
ट्रेंट रॉकेट्स ने बनाया 158 रन का स्कोर
फाइनल मुकाबले में ट्रेंट रॉकेट्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 100 गेंदों में 8 विकेट खोकर 158 रन बनाए। टीम की ओर से कोई भी बल्लेबाज अर्धशतक तक नहीं पहुंच सका। इसके बावजूद रॉकेट्स ने मैनचेस्टर सुपर जायंट्स के सामने 159 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। खिताब जीतने के लिए मैनचेस्टर को शानदार बल्लेबाजी की जरूरत थी।
टिम साइफर्ट ने खेली तूफानी पारी
लक्ष्य का पीछा करने उतरी मैनचेस्टर सुपर जायंट्स को टिम साइफर्ट ने शानदार शुरुआत दिलाई। उन्होंने महज 38 गेंदों में 72 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी पारी में 4 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। साइफर्ट की आक्रामक बल्लेबाजी ने टीम को जीत की राह पर मजबूती से आगे बढ़ाया और उन्हें फाइनल का सबसे बड़ा स्टार बना दिया।
आखिरी ओवर में लायम डाउसन ने लगाया विजयी छक्का
मुकाबला आखिरी पलों तक रोमांचक बना रहा। मैनचेस्टर सुपर जायंट्स को जीत के लिए अंतिम 5 गेंदों में सिर्फ 3 रन की जरूरत थी। शुरुआती दो गेंदों पर कोई रन नहीं आया, लेकिन तीसरी गेंद पर लायम डाउसन ने शानदार छक्का जड़कर मुकाबला खत्म कर दिया। इस छक्के के साथ मैनचेस्टर ने दो गेंद शेष रहते 5 विकेट से जीत दर्ज कर ली।
तीसरी बार फाइनल में पहुंची और पहली बार बनी चैंपियन
मैनचेस्टर की टीम इससे पहले 2022 और 2023 में द हंड्रेड के फाइनल तक पहुंची थी, लेकिन दोनों मौकों पर उसे खिताबी हार झेलनी पड़ी थी। इस बार टीम ने तीसरे फाइनल में अपनी किस्मत बदलते हुए पहली बार ट्रॉफी पर कब्जा किया। यह फ्रेंचाइजी के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बन गई है।
संजीव गोयनका की टीम ने बनाया इतिहास
इस सीजन में टीम नए नाम और नए स्वामित्व के साथ मैदान में उतरी थी। पहले यह टीम मैनचेस्टर ओरिजिनल्स के नाम से खेलती थी। RPSG ग्रुप की 70 प्रतिशत हिस्सेदारी है, टीम के नाम और स्वामित्व में बदलाव के बाद यह उसका पहला द हंड्रेड सीजन था और टीम ने सीधे चैंपियन बनकर शानदार शुरुआत की। इस ऐतिहासिक जीत ने मैनचेस्टर सुपर जायंट्स को द हंड्रेड के चैंपियन के रूप में नई पहचान दिला दी।
