भारतीय महिला हॉकी टीम ने महिला हॉकी विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से करारी शिकस्त दी। यह विश्व कप इतिहास में भारत की सबसे बड़ी जीत है। इस जीत के साथ भारतीय टीम ग्रुप डी में शीर्ष स्थान पर पहुंच गई है और दूसरे दौर में प्रवेश की उसकी स्थिति मजबूत हो गई है।
भारत की ओर से सुनेलिता टोप्पो, नवनीत कौर, सुशीला चानू, दीपिका, लालरेम्सियामी और साक्षी राणा ने गोल किए। भारतीय खिलाड़ियों ने पूरे मुकाबले में आक्रामक हॉकी खेलते हुए दक्षिण अफ्रीका पर लगातार दबाव बनाए रखा।
ग्रुप डी में चीन ने इंग्लैंड को 4-2 से हराकर दूसरे स्थान पर अपनी स्थिति मजबूत की है। भारत का आखिरी पूल मुकाबला 20 अगस्त को इंग्लैंड के खिलाफ होगा। दूसरे दौर में पहुंचने के लिए भारत को इस मुकाबले में केवल एक अंक की जरूरत है।
भारत की यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि विश्व कप में इससे पहले उसकी सबसे बड़ी जीत 1974 में स्पेन के खिलाफ 4-1 की थी। उसी विश्व कप में भारतीय महिला टीम सेमीफाइनल तक पहुंची थी। ऐसे में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 6-1 की ऐतिहासिक जीत ने भारतीय प्रशंसकों की उम्मीदों को एक बार फिर बढ़ा दिया है।
मौजूदा भारतीय टीम में अनुभव के साथ युवा प्रतिभा और मजबूत बेंच स्ट्रेंथ भी दिखाई दे रही है। टीम का प्रदर्शन अगर इसी तरह जारी रहा तो भारत के पास इस विश्व कप में लंबा सफर तय करने का सुनहरा मौका है।
