ढाका: बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के प्रस्तावित भारत दौरे को लेकर विदेश मंत्रालय ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रालय के दक्षिण एशिया विंग ने 10 अगस्त को अधिकारियों से भारत के साथ संबंधों पर एक अपडेटेड ब्रीफ तैयार करने के लिए अलग-अलग विभागों से जानकारी मांगी थी। हालांकि, बाद में प्रस्तावित दौरा रद्द हो गया।
बताया गया है कि अधिकारियों से भारत-बांग्लादेश संबंधों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर ताजा जानकारी देने को कहा गया था। इनमें सीमा-पार जल, जलवायु परिवर्तन, व्यापार, निवेश, तकनीक, समुद्री सहयोग, सांस्कृतिक और खेल कूटनीति तथा क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे विषय शामिल थे।
बांग्लादेश विदेश मंत्रालय के कथित नोट में चीन के साथ संबंधों का आकलन भी मांगा गया था। इसमें चीन की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव में बांग्लादेश की भागीदारी, चीनी निवेश और चीन द्वारा वित्तपोषित परियोजनाओं की जानकारी शामिल थी। इसके अलावा रूस-यूक्रेन युद्ध, BRICS और कॉमनवेल्थ जैसे बहुपक्षीय मंचों पर बांग्लादेश की स्थिति को लेकर भी अपडेट तैयार करने को कहा गया था।
रोहिंग्या शरणार्थियों का मुद्दा भी प्रस्तावित एजेंडे का अहम हिस्सा था। रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश भारत से रोहिंग्या संकट के समाधान में सहयोग मांगने की तैयारी कर रहा था। साथ ही चीन, अमेरिका और आसियान देशों की भूमिका पर भी जानकारी जुटाई जा रही थी।
ब्रीफ में बांग्लादेश-अमेरिका संबंधों, दोनों देशों के बीच हालिया उच्चस्तरीय मुलाकातों और दक्षिण एशिया को लेकर अमेरिकी नीति का आकलन भी शामिल किया जाना था। इससे संकेत मिलता है कि प्रस्तावित भारत यात्रा को केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित रखने के बजाय व्यापक क्षेत्रीय और रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार किया जा रहा था।
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में जिस दस्तावेज का हवाला दिया गया है, उसे कथित/लीक हुआ विदेश मंत्रालय का नोट बताया गया है। इसलिए इसकी सभी जानकारियों को आधिकारिक रूप से पुष्ट एजेंडा मानने से पहले स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
