रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने कहा है कि जीवन में ऐसे कार्य करने चाहिए जिनमें केवल पाने की लालसा न हो, बल्कि समाज और मानवता के लिए कुछ देने का भाव भी शामिल हो। उन्होंने कहा कि शिक्षा, अनुशासन, आत्मविश्वास और कठिन परिश्रम के बल पर जीवन का कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
राज्यपाल सोमवार को लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में एसओएस बालिका गृह, माना की बालिकाओं से संवाद कर रहे थे। इस अवसर पर अंगदान और देहदान का संकल्प लेने वाले 75 नागरिकों का भी सम्मान किया गया।
राज्यपाल ने बालिकाओं को नियमित रूप से पुस्तकें पढ़ने की सलाह देते हुए कहा कि पुस्तकों में संचित ज्ञान लंबे समय तक मार्गदर्शन करता है। उन्होंने सफल व्यक्तित्वों की जीवनी पढ़ने पर जोर देते हुए कहा कि संघर्ष और परिश्रम की कहानियां जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने बालिकाओं से सीधे संवाद कर उनके प्रश्नों के उत्तर दिए। उन्होंने बालिकाओं को स्टेशनरी सामग्री भेंट की, वहीं बालिकाओं ने उन्हें स्वनिर्मित उपहार देकर सम्मान व्यक्त किया।
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि मानव, पशु और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। वृक्षों के संरक्षण और अधिक से अधिक वृक्षारोपण को समय की आवश्यकता बताते हुए उन्होंने कहा कि यदि अभी से प्रयास नहीं किए गए तो आने वाले वर्षों में भू-जल संकट गंभीर रूप ले सकता है।
राज्यपाल ने कहा कि अंगदान और देहदान मानवता की सर्वोच्च सेवा है। इससे जरूरतमंद लोगों को नया जीवन मिलता है तथा चिकित्सा शिक्षा और शोध कार्यों को भी महत्वपूर्ण सहयोग मिलता है। उन्होंने इस दिशा में आगे आने वाले लोगों को समाज का सच्चा नायक बताया।
कार्यक्रम में राज्यपाल ने अंगदान एवं देहदान का संकल्प लेने वाले 75 नागरिकों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। साथ ही रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह को इस क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, विधिक सलाहकार सत्यभामा दुबे, राजभवन के अधिकारी-कर्मचारी, अंगदान एवं देहदान का संकल्प लेने वाले नागरिक, बालिका गृह की छात्राएं और शिक्षक उपस्थित थे।
