पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल तनाव के बीच ईंधन संकट की आशंकाओं ने छत्तीसगढ़ में भी असर दिखाना शुरू कर दिया है। बालोद, जगदलपुर, गुरुर और धमतरी समेत कई जिलों में पेट्रोल-डीजल के लिए पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि कई पंपों पर समय से पहले ही तेल का स्टॉक खत्म हो गया।
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हाल ही में देशवासियों से पेट्रोल-डीजल का सीमित उपयोग करने और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देने की अपील की थी। इसके बाद कई नेताओं ने अपने काफिलों में गाड़ियों की संख्या कम करने की घोषणा भी की, लेकिन प्रदेश के कई इलाकों में अफवाहों और आशंकाओं के चलते लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवाने पहुंच रहे हैं।
बालोद जिले में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। जिले के 76 पेट्रोल पंपों में से करीब 10 पंपों का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है। जिला मुख्यालय स्थित संतोष पेट्रोल पंप और झलमला के कुछ पंपों पर “डीजल नहीं है” के बोर्ड लगा दिए गए हैं।
स्थिति इतनी खराब हो गई कि ट्रक और बस चालकों को ईंधन के लिए भटकना पड़ रहा है। आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पंप संचालकों ने एहतियात के तौर पर केन, डिब्बों और ड्रम में पेट्रोल-डीजल देने पर रोक लगा दी है ताकि अनावश्यक भंडारण को रोका जा सके।
वहीं बस्तर संभाग के जगदलपुर में भी अफवाहों के कारण पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने वाहनों की टंकियां फुल कराने के साथ अतिरिक्त ईंधन जमा करना शुरू कर दिया है, जिससे सामान्य उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत अनुसार ही ईंधन का उपयोग करें, ताकि आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित न हो।
