कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री Ramvichar Netam ने कहा है कि आगामी खरीफ सीजन के लिए राज्य में रासायनिक उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे अपनी भूमि धारिता और पात्रता के अनुसार ही उर्वरकों का भंडारण करें, ताकि सभी किसानों को समान रूप से लाभ मिल सके।
मंत्री ने बताया कि डीएपी जैसे फास्फेटिक उर्वरकों के अनियमित उठाव की जानकारी सामने आ रही है, जिससे अन्य किसानों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इस स्थिति को देखते हुए वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और न्यायसंगत बनाने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को शत-प्रतिशत पहचान पत्र उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे कालाबाजारी पर रोक लग सके।
उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन में उर्वरकों का वितरण एग्रीस्टेक पोर्टल में दर्ज रकबे के आधार पर किया जाएगा। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
वैकल्पिक पौध पोषण को बढ़ावा देने के लिए Indira Gandhi Krishi Vishwavidyalaya द्वारा “नील हरित काई” (ब्लू-ग्रीन एल्गी) के मदर कल्चर के उत्पादन की तैयारी शुरू कर दी गई है। अप्रैल से इसका बड़े स्तर पर उत्पादन कृषि विज्ञान केंद्रों और शासकीय संस्थानों में किया जाएगा, ताकि किसान इसका उपयोग कर वायुमंडलीय नाइट्रोजन को स्थिर कर सकें।
इसके साथ ही हरी खाद के रूप में ढेंचा और अन्य दलहनी फसलों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए मंडी निधि से राशि उपलब्ध कराई जा रही है। जिलों को इसके लिए किसानों और क्षेत्रों का चयन करने के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि उर्वरकों के अवैध भंडारण और अधिक मूल्य पर बिक्री रोकने के लिए उड़न दस्ता और निरीक्षकों की नियुक्ति कर दी गई है। साथ ही नैनो उर्वरकों की भी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, जिससे कम लागत में अधिक उत्पादन संभव हो सके।
कृषि मंत्री ने बताया कि Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में राज्य ने धान खरीदी में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। पिछले तीन खरीफ सीजन में लगभग 437 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी गई है, जिससे किसानों को 1.40 लाख करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया गया।
उन्होंने कहा कि Narendra Modi और केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए लगातार समन्वय के साथ काम कर रही हैं, ताकि खाद-बीज और कीटनाशकों की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी न हो।
