Vijay Hazare Trophy 2025-26: बीसीसीआई द्वारा आयोजित विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के पहले क्वार्टरफाइनल मुकाबले में कर्नाटक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मुंबई को 55 रनों से शिकस्त दी और लगातार चौथी बार सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। यह बारिश से प्रभावित मुकाबला वीजेडी (VJD) पद्धति के तहत तय हुआ।
बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ग्राउंड-1 पर खेले गए इस मुकाबले में कर्नाटक ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। कप्तान मयंक अग्रवाल का यह निर्णय पूरी तरह सही साबित हुआ, क्योंकि कर्नाटक के गेंदबाजों ने शुरुआत से ही मुंबई पर दबाव बना दिया।
मुंबई की पारी: शुरुआती झटकों से उबरने की कोशिश
पहले बल्लेबाजी करते हुए मुंबई की शुरुआत लड़खड़ाई। 60 रन के भीतर टीम ने अपने चार अहम विकेट गंवा दिए। अंगकृष रघुवंशी (27) और इशान मुलचंदानी (20) के अलावा मुशीर खान (9) और हार्दिक तामोरे भी जल्दी पवेलियन लौट गए। इसके बाद कप्तान सिद्धेश लाड और शम्स मुलानी ने पारी को संभाला और पांचवें विकेट के लिए 76 रनों की अहम साझेदारी की। लाड 38 रन बनाकर आउट हुए, जबकि शम्स मुलानी ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 86 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली। अंत में साईराज पाटिल (33) के सहयोग से मुंबई ने 8 विकेट पर 254 रन का स्कोर खड़ा किया।
कर्नाटक की ओर से विद्याधर पाटिल ने 3 विकेट झटके, जबकि अभिलाष शेट्टी और विद्वत कावेरप्पा को दो-दो सफलता मिली।
कर्नाटक की मजबूत जवाबी पारी
लक्ष्य का पीछा करने उतरी कर्नाटक की शुरुआत भी खास नहीं रही और कप्तान मयंक अग्रवाल 12 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद देवदत्त पडिक्कल और करुण नायर ने मोर्चा संभालते हुए मैच पर पूरी तरह पकड़ बना ली।
देवदत्त पडिक्कल ने 95 गेंदों में 81 रनों की शानदार पारी खेली और इस सीजन में 700 से ज्यादा रन बनाकर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। वहीं करुण नायर ने 80 गेंदों पर 74 रन जड़ते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। 33 ओवर में कर्नाटक का स्कोर 1 विकेट पर 187 रन था, तभी बारिश के कारण मैच रोकना पड़ा।
वीजेडी मेथड से फैसला
बारिश के चलते आगे का खेल संभव नहीं हो सका और वीजेडी पद्धति के अनुसार कर्नाटक को 132 रनों का संशोधित लक्ष्य मिला। उस समय कर्नाटक लक्ष्य से 55 रन आगे था, जिसके चलते उसे विजेता घोषित किया गया। मुंबई की ओर से मोहित अवस्थी ने एकमात्र विकेट लिया।
इस जीत के साथ कर्नाटक ने एक बार फिर अपनी निरंतरता साबित करते हुए विजय हजारे ट्रॉफी के सेमीफाइनल में कदम रख दिया।
