Parliament Winter Session 2025 : नई दिल्ली। देश की संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू होकर 19 दिसंबर तक चलेगा। इस जानकारी की पुष्टि केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने की है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सत्र की औपचारिक मंजूरी दे दी है।
किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार को उम्मीद है कि यह सत्र सार्थक और लोकतंत्र को मजबूत करने वाला साबित होगा, जिसमें देश की जनता की आकांक्षाओं पर चर्चा होगी और उनसे जुड़े मुद्दों पर ठोस निर्णय लिए जाएंगे।
पिछले सत्र का उल्लेख करते हुए रिजिजू ने कहा कि संसद का मॉनसून सत्र 21 जुलाई से 21 अगस्त तक चला था। उस दौरान राज्यसभा में तत्कालीन सभापति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। मॉनसून सत्र में SIR (Special Investigation Report) और ऑपरेशन सिंदूर जैसे मुद्दों पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया था। उस सत्र के दौरान कुल 21 बैठकें हुई थीं, जिनमें लोकसभा में 12 और राज्यसभा में 15 बिल पारित हुए थे।
सूत्रों के मुताबिक, इस बार का शीतकालीन सत्र अन्य सत्रों की तुलना में छोटा होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि इसके बाद जल्द ही बजट सत्र शुरू होने वाला है। 2013 में भी ऐसा ही हुआ था, जब शीतकालीन सत्र केवल 14 दिनों का था, 5 दिसंबर से 18 दिसंबर तक।
इस बार के सत्र में बिहार विधानसभा चुनाव से जुड़ी राजनीतिक गहमागहमी देखने को मिल सकती है। इसके अलावा 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्ष सरकार को घेर सकता है।
वहीं, केंद्र सरकार इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने पर जोर देगी, जिनमें प्रमुख रूप से- जन विश्वास बिल (Jan Vishwas Bill), इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी बिल (Insolvency & Bankruptcy Bill) शामिल हैं।
संसदीय कार्यमंत्री रिजिजू ने उम्मीद जताई कि यह सत्र जन-कल्याण केंद्रित और सकारात्मक बहसों वाला रहेगा, ताकि संसद की कार्यवाही जनहित में ऐतिहासिक बन सके।
