शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने एक महिला के गर्भाशय के बाहर विकसित हुए विशाल ब्रॉड लिगामेंट फाइब्रॉयड का सफल ऑपरेशन कर जटिल सर्जरी को अंजाम दिया। करीब 26 सप्ताह के शिशु के आकार के इस ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकालकर चिकित्सकों ने महिला को बेहतर स्वास्थ्य की नई उम्मीद दी है।
प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. मीना आरमो ने बताया कि ब्रॉड लिगामेंट फाइब्रॉयड एक गैर-कैंसरकारी ट्यूमर होता है। सामान्य फाइब्रॉयड की तुलना में यह गर्भाशय के भीतर न होकर गर्भाशय के बाहर बाईं ओर विकसित हुआ था। इसका आकार लगभग 26 सप्ताह के शिशु के समान था। ट्यूमर के आसपास मूत्रवाहिनी और प्रमुख रक्त वाहिकाएं मौजूद होने के कारण ऑपरेशन काफी जटिल और चुनौतीपूर्ण था।
जांच में कैंसर की जताई गई थी आशंका
महिला की यूएसजी और सीटी स्कैन रिपोर्ट में गर्भाशय के कैंसर की संभावना व्यक्त की गई थी। इसके आधार पर चिकित्सकों ने स्टेजिंग लैप्रोटॉमी की योजना बनाई थी। हालांकि ऑपरेशन के दौरान पेट में चीरा लगाने के बाद स्पष्ट हुआ कि यह कैंसर नहीं, बल्कि ब्रॉड लिगामेंट फाइब्रॉयड है।
इसके बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अत्यंत सावधानी और दक्षता के साथ ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाल दिया। ऑपरेशन के बाद गर्भाशय, ट्यूब, अंडाशय और ट्यूमर के नमूनों को आवश्यक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। वर्तमान में महिला की स्थिति स्थिर है और वह तेजी से स्वस्थ हो रही है।
जटिल स्त्री रोग सर्जरी में बढ़ी विशेषज्ञ सेवाएं
शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में आधुनिक तकनीकों और मानक उपचार पद्धतियों के अनुरूप नियमित रूप से जटिल स्त्री रोग संबंधी सर्जरी की जा रही हैं। इससे राजनांदगांव जिले सहित आसपास के क्षेत्रों की महिलाओं को स्थानीय स्तर पर उच्चस्तरीय विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।
