नई दिल्ली। भारत और OPEC के बीच सातवीं उच्च स्तरीय बैठक नई दिल्ली में आयोजित हुई। बैठक की सह-अध्यक्षता केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी और OPEC महासचिव ने की। इसमें वैश्विक तेल बाजार की स्थिरता, भारत की ऊर्जा सुरक्षा और तेल उद्योग में समय पर निवेश जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच बैठक में भरोसेमंद और निर्बाध तेल आपूर्ति सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और वैश्विक ऊर्जा बाजार से जुड़े जोखिमों को लेकर आपसी संवाद जारी रखने पर सहमति जताई।
बैठक के दौरान अल्पकालिक, मध्यम अवधि और दीर्घकालिक ऊर्जा बाजार के आउटलुक पर भी विचार-विमर्श किया गया। हरदीप सिंह पुरी ने तेल उत्पादक और उपभोक्ता देशों के बीच निरंतर संवाद को महत्वपूर्ण बताते हुए ऊर्जा बाजार में स्थिरता के लिए सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
2015 में शुरू हुआ था India-OPEC Energy Dialogue
भारत और OPEC के बीच India-OPEC Energy Dialogue की शुरुआत वर्ष 2015 में नई दिल्ली में हुई थी। इसका उद्देश्य तेल उत्पादक देशों और भारत जैसे बड़े तेल उपभोक्ता देश के बीच नियमित संवाद और सहयोग के लिए एक संस्थागत मंच उपलब्ध कराना है।
सातवीं बैठक में ऊर्जा क्षेत्र में तकनीकी सहयोग की प्रगति की भी समीक्षा की गई। दोनों पक्षों ने ऊर्जा से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। अब भारत-OPEC उच्च स्तरीय बैठक का अगला यानी आठवां संस्करण ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में आयोजित किया जाएगा।
