नई दिल्ली, 05 नवंबर 2026। देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण लगातार गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। गुरुवार सुबह दिल्ली की हवा लगातार चौथे दिन ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई। सुबह 7:05 बजे राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 368 रिकॉर्ड किया गया। आसमान में घना धुंध छाया रहा और कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी तक पहुंच गया।
59 निगरानी केंद्रों में से 18 की हवा गंभीर श्रेणी में
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के 59 निगरानी केंद्रों में से 18 में AQI गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया, जबकि 36 केंद्रों पर हवा बहुत खराब और पांच केंद्रों पर खराब श्रेणी में रही।
जहांगीरपुरी 459 AQI के साथ दिल्ली का सबसे प्रदूषित इलाका रहा। इसके बाद IIT दिल्ली में 447 और पंजाबी बाग में 446 AQI दर्ज किया गया।
इन इलाकों में भी बढ़ा प्रदूषण का स्तर
दिल्ली के कई अन्य इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी के करीब पहुंच गया। ओखला फेज-2 में AQI 399, बुराड़ी क्रॉसिंग और ITO में 397, द्वारका सेक्टर-8 में 396, मंदिर मार्ग में 393 और जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 391 दर्ज किया गया।
लगातार बढ़ रहा दिल्ली का AQI
पिछले कुछ दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो दिल्ली की वायु गुणवत्ता में लगातार गिरावट दर्ज की गई है।
– गुरुवार सुबह: 368
– बुधवार का 24 घंटे का औसत: 377
– मंगलवार: 350
– सोमवार: 324
वहीं, पिछले शुक्रवार को दिल्ली का AQI 60 दर्ज किया गया था, जो संतोषजनक श्रेणी में था। यह पिछले चार वर्षों में अक्टूबर का सबसे साफ दिन बताया गया।
PM2.5 बना दिल्ली की हवा का मुख्य प्रदूषक
CPCB के अनुसार, गुरुवार सुबह दिल्ली के 59 निगरानी केंद्रों में से 53 पर PM2.5 मुख्य प्रदूषक रहा, जबकि छह केंद्रों पर PM10 प्रमुख प्रदूषक के रूप में दर्ज किया गया।
PM2.5 बेहद सूक्ष्म कण होते हैं, जो सांस के साथ फेफड़ों के भीतर तक पहुंच सकते हैं। इनका लंबे समय तक संपर्क स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
पंजाब-हरियाणा में पराली जलाने की 2,251 घटनाएं दर्ज
दिल्ली के प्रदूषण के बीच पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाएं भी सामने आई हैं। NASA के उपग्रह आंकड़ों के अनुसार, 1 अक्टूबर से 4 नवंबर के बीच दोनों राज्यों में पराली जलाने की कुल 2,251 घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें पंजाब में 2,025 और हरियाणा में 226 घटनाएं शामिल हैं। अकेले 4 नवंबर को 246 घटनाएं दर्ज की गईं।
पिछले वर्ष इसी अवधि में उपग्रह के माध्यम से 2,579 आग की घटनाएं दर्ज की गई थीं। हालांकि, इन आंकड़ों की तुलना सावधानी से करने की जरूरत है, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में पराली जलाने की घटनाओं का समय बदलकर दोपहर बाद की ओर खिसका है। इससे उपग्रहों द्वारा दर्ज की जाने वाली घटनाओं की संख्या प्रभावित हो सकती है।
CPCB के अनुसार AQI की श्रेणियां
– 0 से 50: अच्छा
– 51 से 100: संतोषजनक
– 101 से 200: मध्यम
– 201 से 300: खराब
– 301 से 400: बहुत खराब
– 401 से 500: गंभीर
दिल्ली में लगातार चौथे दिन प्रदूषण का स्तर बहुत खराब श्रेणी में बने रहने से राजधानी की वायु गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है। खासतौर पर PM2.5 की अधिक मौजूदगी लोगों के स्वास्थ्य के लिए चुनौती बनी हुई है।
