विदेश मंत्री एस. जयशंकर शुक्रवार को अमेरिका के अटलांटा में आयोजित G20 विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगे। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत बनाने, आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। अटलांटा पहुंच चुके जयशंकर इस दौरान क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी हिस्सा लेंगे। इसके बाद वह 1 से 4 नवंबर तक राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों की बैठक में शामिल होने के लिए एंटीगुआ और बारबुडा जाएंगे।
ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों पर रहेगा फोकस
G20 विदेश मंत्रियों की बैठक में दुनिया के सामने मौजूद प्रमुख भू-राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। बैठक का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने, वैश्विक व्यापार और आपूर्ति श्रृंखलाओं से जुड़े जोखिमों को कम करने तथा आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा करना है।
बैठक की शुरुआत अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के भू-राजनीतिक मुद्दों पर संबोधन से होगी। इसके बाद ऊर्जा और आर्थिक विकास से संबंधित विषयों पर चर्चा की जाएगी। अमेरिका के विदेश विभाग के अनुसार, बैठक में G20 साझेदार उन अंतरराष्ट्रीय संकटों से निपटने के लिए सहयोग पर विचार करेंगे, जिनका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
आवाजाही की स्वतंत्रता, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा पर चर्चा
बैठक में वैश्विक स्तर पर आवाजाही की स्वतंत्रता, ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखलाओं के सामने मौजूद खतरों जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे। इन चुनौतियों का प्रभाव अंतरराष्ट्रीय व्यापार, आर्थिक स्थिरता और विभिन्न देशों की विकास योजनाओं पर पड़ सकता है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई हैं। ऐसे में G20 देशों के बीच समन्वय बढ़ाना जरूरी है, ताकि भू-राजनीतिक संकटों के कारण पैदा होने वाले आर्थिक झटकों से निपटा जा सके।
G20 शिखर सम्मेलन की तैयारियों के लिहाज से अहम बैठक
अटलांटा में होने वाली विदेश मंत्रियों की बैठक को आगामी G20 नेताओं के शिखर सम्मेलन की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 14 और 15 दिसंबर को मियामी में G20 लीडर्स समिट की मेजबानी करेंगे। विदेश मंत्रियों की चर्चा से इस शिखर सम्मेलन के व्यापक आर्थिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए आधार तैयार करने की उम्मीद है।
अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, अमेरिका G20 को उसके मूल आर्थिक उद्देश्यों की दिशा में केंद्रित करने पर जोर दे रहा है। इनमें आर्थिक विकास को प्रोत्साहन देना, आर्थिक सुरक्षा मजबूत करना और ठोस परिणाम हासिल करना शामिल है।
G20 बैठक के दौरान क्वाड देशों के विदेश मंत्री भी मिलेंगे
अटलांटा में G20 बैठक के दौरान भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों की क्वाड बैठक भी होगी। इस वर्ष यह चारों देशों के विदेश मंत्रियों की दूसरी बैठक होगी। इसमें साझा हितों और क्षेत्रीय तथा वैश्विक चुनौतियों पर विचार-विमर्श किए जाने की संभावना है।
क्वाड भारत की विदेश नीति में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इस समूह के सदस्य देश क्षेत्रीय सहयोग और साझा रणनीतिक हितों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करते हैं। हालांकि, बैठक के विशिष्ट एजेंडे और संभावित निर्णयों का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।
राष्ट्रमंडल सम्मेलन में हिस्सा लेने एंटीगुआ और बारबुडा जाएंगे जयशंकर
अटलांटा में G20 और क्वाड बैठकों में भाग लेने के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर 1 से 4 नवंबर तक एंटीगुआ और बारबुडा की यात्रा करेंगे। यहां वह कॉमनवेल्थ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट मीटिंग से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
इस यात्रा के दौरान आर्थिक सहयोग, ऊर्जा और सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर बहुपक्षीय बातचीत होगी। लगातार होने वाली इन बैठकों के जरिए भारत को प्रमुख वैश्विक साझेदारों के साथ अपने संबंधों और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर संवाद आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
कुल मिलाकर, अटलांटा में होने वाली G20 और क्वाड बैठकों के साथ-साथ राष्ट्रमंडल सम्मेलन में एस. जयशंकर की भागीदारी ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक आर्थिक स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े मुद्दों पर भारत की कूटनीतिक सक्रियता का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी।
