नई दिल्ली। चक्रवात अर्नब के प्रभाव से प्रभावित राज्यों को केंद्र सरकार ने हर संभव सहायता देने का भरोसा दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 29 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से बातचीत कर हालात की जानकारी ली और राहत एवं बचाव कार्यों में केंद्र की ओर से पूरी मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि आपदा से प्रभावित लोगों की परेशानी कम करने के लिए सरकार हर जरूरी कदम उठाएगी।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि चक्रवात के मद्देनजर संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा की गई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
नुकसान का आकलन करने के लिए भेजी जाएंगी केंद्रीय टीमें
गृह मंत्री के मुताबिक, चक्रवात से हुए नुकसान का आकलन करने और आगे की सहायता संबंधी जरूरतों का पता लगाने के लिए जल्द ही अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमें (IMCT) प्रभावित क्षेत्रों में भेजी जाएंगी। इन टीमों की रिपोर्ट के आधार पर राहत और पुनर्वास से जुड़े जरूरी कदम उठाए जा सकेंगे।
मौसम विभाग के अनुसार कमजोर पड़ा चक्रवात
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात अर्नब के अवशेष से बना दबाव तंत्र 29 अक्टूबर की सुबह तक कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल गया था। सुबह 5:30 बजे यह सिस्टम दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के ऊपर केंद्रित था। इसका केंद्र छत्तीसगढ़ के जगदलपुर से लगभग 20 किलोमीटर पश्चिम में बताया गया।
मौसम विभाग के मुताबिक, यह सिस्टम ओडिशा के भवानीपटना से करीब 170 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम, टिटलागढ़ से 210 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम, रायपुर से 250 किलोमीटर दक्षिण और संबलपुर से लगभग 350 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित था।
29 अक्टूबर की शाम तक इसके और कमजोर होकर स्पष्ट निम्न दबाव वाले क्षेत्र में बदलने की संभावना जताई गई थी। रायपुर और संबलपुर में स्थापित डॉपलर मौसम रडार के माध्यम से इस मौसम प्रणाली पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी।
दक्षिण अंडमान सागर में भी बना कम दबाव का क्षेत्र
मौसम विभाग ने बताया कि 28 अक्टूबर को बने ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से दक्षिण अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्रों में एक कम दबाव का क्षेत्र भी विकसित हुआ है। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और अगले 24 घंटों के भीतर अधिक स्पष्ट कम दबाव वाले क्षेत्र में बदलने की संभावना जताई गई थी।
केंद्र सरकार ने प्रभावित राज्यों में राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता देने और जरूरत के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई है। मौसम की स्थिति पर निगरानी जारी रहने के बीच संबंधित एजेंसियां हालात के अनुसार कार्रवाई कर रही हैं।
