भारत ने सऊदी अरब के क्षेत्र में हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए हालिया हमलों की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यमन में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को लेकर भारत बेहद चिंतित है और क्षेत्र में जल्द शांति एवं स्थिरता बहाल होने की उम्मीद करता है।
रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत सऊदी अरब के इलाकों पर हुए हमलों की निंदा करता है। उन्होंने विशेष रूप से नागरिकों और आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने तथा पवित्र शहर मक्का को निशाना बनाने की कोशिश पर गंभीर चिंता जताई।
भारत के मुताबिक इस तरह के हमले क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा, इससे बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में आवाजाही की स्वतंत्रता के लिए भी खतरा पैदा हो सकता है। यह समुद्री मार्ग लाल सागर को अदन की खाड़ी और आगे अरब सागर से जोड़ता है तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है।
हूती हमलों के बाद सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों और अन्य नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ी है। ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन पर हुए हमले को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह सऊदी अरब के तेल निर्यात के लिए एक वैकल्पिक मार्ग के तौर पर काम करती है।
भारत इससे पहले भी सऊदी अरब के तेल ठिकानों पर हुए हमलों और मक्का को निशाना बनाने के प्रयासों की निंदा कर चुका है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में जल्द शांति और स्थिरता बहाल करना जरूरी है, ताकि क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर आवाजाही भी सुरक्षित बनी रहे।
