रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एल. खियांगते को कथित परीक्षा घोटाले के मामले में CID ने गिरफ्तार कर लिया है। रांची में छात्रों के लगातार प्रदर्शन के बीच हुई इस गिरफ्तारी को जांच एजेंसी की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। CID इससे पहले खियांगते से कई दौर की पूछताछ कर चुकी थी।
ब्लैकलिस्टेड एजेंसी को काम देने का आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार, खियांगते पर JPSC अध्यक्ष के पद पर रहते हुए एक ब्लैकलिस्टेड एजेंसी को परीक्षा संबंधी काम सौंपने के बदले कथित तौर पर रिश्वत लेने का आरोप है। CID को यह जानकारी मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी अभय तिवारी से पूछताछ के दौरान मिली थी। इसी आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई और सोमवार को खियांगते को गिरफ्तार कर लिया गया।
OMR शीट में गड़बड़ी के आरोपों की भी जांच
JPSC परीक्षा से जुड़े मामले में OMR शीट से कथित छेड़छाड़ और परीक्षा माफिया के साथ मिलीभगत के आरोप भी सामने आए हैं। इन आरोपों के बीच खियांगते ने पिछले महीने 22 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। बताया गया है कि CID की कार्रवाई और छापेमारी के दौरान ही उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया था। खियांगते 1988 बैच के झारखंड कैडर के वरिष्ठ IAS अधिकारी रहे हैं और राज्य के मुख्य सचिव की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
परीक्षा घोटाले में अब तक कई गिरफ्तारियां
JPSC परीक्षा विवाद की जांच के दौरान CID की कार्रवाई लगातार जारी है। मामले में परीक्षा संचालक एजेंसी से जुड़े एक अकाउंटेंट समेत करीब 19 लोगों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है। जांच एजेंसी अब पूरे नेटवर्क, कथित लेन-देन और परीक्षा प्रक्रिया में हुई संभावित अनियमितताओं की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
रांची में 17वें दिन भी जारी रहा छात्रों का आंदोलन
दूसरी ओर, JPSC परीक्षा को लेकर छात्रों का आंदोलन भी लगातार जारी है। सोमवार को आंदोलन के 17वें दिन प्रदर्शनकारी छात्रों ने विधानसभा तक मार्च निकालने की कोशिश की। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ा और पुलिस की ओर से लाठीचार्ज तथा आंसू गैस के इस्तेमाल की भी जानकारी सामने आई।
14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने की मांग
प्रदर्शनकारी छात्र 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही परीक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली में सुधार और कथित अनियमितताओं की CBI तथा ED से जांच कराने की मांग भी उठाई जा रही है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के लंबे समय से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर होने की बात भी सामने आई है।
जांच और आंदोलन दोनों पर टिकी नजर
पूर्व JPSC अध्यक्ष की गिरफ्तारी के बाद परीक्षा घोटाले की जांच ने नया मोड़ ले लिया है। अब CID की पूछताछ और आगे की कार्रवाई से मामले में कथित भ्रष्टाचार और परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं से जुड़े नए तथ्य सामने आने की उम्मीद है। वहीं, छात्रों की मांगों और सरकार की अगली कार्रवाई पर भी सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
