छत्तीसगढ़ सरकार ने लोकतंत्र सेनानी सम्मान अधिनियम में संशोधन करते हुए मीसाबंदियों के लिए सम्मान राशि और सुविधाओं में महत्वपूर्ण वृद्धि की है। संशोधित प्रावधानों के तहत पात्र मीसाबंदियों को हर माह सम्मान राशि प्रदान की जाएगी तथा उन्हें स्वतंत्रता सेनानियों के समान चिकित्सा सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा।
संशोधित अधिनियम के अनुसार योजना के दायरे में आने वाले लोकतंत्र सेनानियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होगा। अधिसूचना में कहा गया है कि पात्र हितग्राहियों को 90 दिनों के भीतर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। सम्मान राशि प्राप्त करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन देना होगा, जिसके साथ जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी प्रमाण-पत्र संलग्न करना आवश्यक होगा। प्राप्त आवेदनों का परीक्षण जिला स्तरीय समिति द्वारा किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता संबंधित जिले के प्रभारी मंत्री करेंगे।
नए प्रावधानों के तहत आपातकाल के दौरान जेल अथवा थानों में निरुद्ध रहे मीसाबंदियों को सम्मान राशि प्रदान की जाएगी। एक माह तक निरुद्ध रहने वाले पात्र व्यक्तियों को 8 हजार रुपये प्रतिमाह, एक माह से अधिक तथा पांच माह तक निरुद्ध रहने वालों को 15 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे।
वहीं पांच माह से अधिक समय तक जेल या थाने में निरुद्ध रहे मीसाबंदियों को 25 हजार रुपये प्रतिमाह सम्मान राशि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त उन्हें स्वतंत्रता सेनानियों के समान चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
सरकार ने अंत्येष्टि सहायता का भी प्रावधान किया है। किसी मीसाबंदी के निधन की स्थिति में उनके परिवार को 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
सरकार का मानना है कि यह निर्णय लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोगों के सम्मान और उनके योगदान को मान्यता देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
