वस्तु एवं सेवाकर विभाग की खुफिया इकाई (डीजीजीआई) ने 12.50 करोड़ रुपये की कथित जीएसटी चोरी से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है। रायपुर से पहुंची टीम ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद क्षेत्र स्थित अतिवरा गांव में जांच अभियान चलाया।
अधिकारियों ने गांव निवासी अभिषेक पाठक के घर पर कई घंटों तक जांच की। कार्रवाई के दौरान दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों की पड़ताल की गई। करीब आठ घंटे तक चली जांच के बाद टीम अभिषेक पाठक को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। उनकी कार भी अधिकारियों द्वारा अपने कब्जे में ली गई।
जानकारी के अनुसार, अभिषेक पाठक वर्ष 2015 में ग्राम प्रधान का चुनाव भी लड़ चुके हैं। वे लंबे समय तक रायपुर में रहे और पिछले कुछ वर्षों से अपने परिवार के साथ अपने गांव में निवास कर रहे थे।
जांच एजेंसियों के अनुसार अभिषेक पाठक और रायपुर निवासी अमन सिंह पर फर्जी कंपनियों के माध्यम से जीएसटी चोरी करने का आरोप है। मामले का खुलासा होने के बाद संबंधित एजेंसियों ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की थी।
बताया गया है कि प्रारंभिक जांच के दौरान अमन सिंह फरार हो गया था, जिसे मार्च माह में गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में मिले तथ्यों के आधार पर अभिषेक पाठक का नाम भी सामने आया। उन्हें पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उपस्थित नहीं होने पर डीजीजीआई की टीम ने उनके निवास पर पहुंचकर कार्रवाई की।
डीजीजीआई रायपुर के आयुक्त सुजीत मलिक ने बताया कि 12.50 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी के मामले में पहले ही एक आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है। उसी जांच के क्रम में यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकरण में अभिषेक पाठक के खिलाफ भी मामला दर्ज है और आगे की जांच जारी है।
