रायपुर। देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3-3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद राजधानी रायपुर में फ्यूल स्टेशनों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कीमतें बढ़ने की खबर फैलते ही शहर के कई पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई स्थानों पर लाइनें करीब 100 मीटर तक दिखाई दीं।
नई दरों के बाद रायपुर में पेट्रोल 103.58 रुपये प्रति लीटर और डीजल 96.57 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। अचानक बढ़ी भीड़ के कारण कई पेट्रोल पंपों पर दबाव की स्थिति बन गई।
प्रशासन का कहना है कि ईंधन की कोई कमी नहीं है, लेकिन अफवाहों के चलते लोग जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल भरवा रहे हैं। सामान्य तौर पर सीमित मात्रा में ईंधन लेने वाले लोग अब अपने वाहनों की टंकियां पूरी तरह फुल करा रहे हैं।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रायपुर कलेक्टर ने पेट्रोल पंप संचालकों और तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि शहर में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सप्लाई व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से ईंधन का भंडारण करने से बचें।
भीड़ को कम करने और सप्लाई सुचारू बनाए रखने के लिए डिपो से 24 घंटे ईंधन आपूर्ति के निर्देश दिए गए हैं। पहले टैंकरों की एंट्री दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक सीमित थी, लेकिन अब लगातार सप्लाई जारी रखने का फैसला लिया गया है।
हालांकि, कुछ लोगों ने दावा किया कि शहर के कुछ पेट्रोल पंपों पर ईंधन उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें लंबी लाइनों में इंतजार करना पड़ रहा है।
डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर अब रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ सकता है। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से सब्जियों, फलों और राशन के दाम बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। किसानों की लागत बढ़ सकती है, क्योंकि ट्रैक्टर और सिंचाई उपकरणों के संचालन में अधिक खर्च आएगा। इसके अलावा बस, ऑटो और स्कूल वाहनों के किराए में भी बढ़ोतरी संभव है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी इस बढ़ोतरी की प्रमुख वजह मानी जा रही है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बाद क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिल रहा है।
