सूरजपुर जिले के प्रसिद्ध पर्यटन क्षेत्र पहाड़गांव स्थित पिलखा डैम से निर्मित जलाशय आज महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है। यहां मुस्कान महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने बोटिंग गतिविधि शुरू कर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है, बल्कि ग्रामीण महिला उद्यमिता की नई मिसाल भी कायम की है।
समूह की अध्यक्ष श्रीमती सुनीता सिंह एवं सचिव श्रीमती यशोदा दास के नेतृत्व में 10 सदस्यीय महिला समूह ने स्थानीय पर्यटन से जुड़कर स्वरोजगार का नया अवसर तैयार किया है। जलाशय में आने वाले पर्यटकों के लिए बोटिंग सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिसके लिए प्रति व्यक्ति 50 रुपये टिकट शुल्क निर्धारित किया गया है।
शुरुआती दौर में समूह की महिलाओं को संसाधनों की कमी, तकनीकी जानकारी के अभाव और संचालन संबंधी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद महिलाओं ने अपने सामूहिक प्रयास, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर इन चुनौतियों को अवसर में बदल दिया। उन्होंने स्वयं बोटिंग संचालन, पर्यटकों की सुरक्षा और पूरे परिसर के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालते हुए इस गतिविधि को सफल बनाया।
इस पहल के माध्यम से समूह अब तक 74 हजार रुपये की शुद्ध आय अर्जित कर चुका है। इससे समूह की महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है और उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है। आज वे अपने परिवार की आय में योगदान देने के साथ-साथ अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं।
मुस्कान महिला स्व-सहायता समूह की यह उपलब्धि दर्शाती है कि उचित अवसर और सहयोग मिलने पर ग्रामीण महिलाएं किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकती हैं। पिलखा जलाशय में संचालित बोटिंग गतिविधि महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और स्थानीय पर्यटन विकास का एक सफल उदाहरण बनकर सामने आई है।
