विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत जशपुर जिले में शुक्रवार को सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए गए। जिले के विभिन्न परियोजना क्षेत्रों में कुल 65 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। इनमें हिंदू एवं ईसाई समुदाय के नवदंपत्तियों का विवाह पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया गया।
समारोह की विशेष बात यह रही कि बगीचा परियोजना क्षेत्र में एक मूकबधिर जोड़े ने भी विवाह बंधन में बंधकर समाज के सामने प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद दांपत्य जीवन की कामना की।
विभिन्न परियोजनाओं में संपन्न हुए विवाह
बगीचा परियोजना क्षेत्र में 13 हिंदू एवं 7 ईसाई समुदाय सहित कुल 20 जोड़ों का विवाह कराया गया। वहीं कांसाबेल परियोजना में 9 हिंदू और 3 ईसाई समुदाय के कुल 12 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे।
इसी प्रकार बागबहार परियोजना क्षेत्र में 6 हिंदू एवं 26 ईसाई समुदाय के कुल 32 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के जनप्रतिनिधियों के साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने योजना को सामाजिक समरसता, सादगी और सहयोग की भावना को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया।
प्रत्येक जोड़े को 50 हजार रुपये की सहायता
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित इस योजना के तहत प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को 50 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। इसमें 8 हजार रुपये विवाह आयोजन व्यय, 7 हजार रुपये की उपयोगी उपहार सामग्री तथा 35 हजार रुपये की राशि वधु के नाम चेक के रूप में दी जाती है। साथ ही नवदंपत्तियों को वैवाहिक प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाता है।
सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सम्मानपूर्वक विवाह संपन्न कराने का प्रभावी माध्यम बन रही है। इससे परिवारों को आर्थिक सहयोग मिलने के साथ-साथ समाज में सामूहिक विवाह की सकारात्मक परंपरा को भी बढ़ावा मिल रहा है।
