मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल के तहत दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए आयुष्मान भारत संतृप्ति अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत सुकमा जिले के ग्राम पुनपल्ली (दुब्बाटोटा), विकासखंड कोंटा में 78 वर्षीय नक्सल पीड़ित बुजुर्ग महिला श्रीमती वंजाम चिंगे को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिला।
स्वास्थ्य विभाग की टीम उनके घर पहुंची और दस्तावेजों का सत्यापन कर उनका वय वंदन कार्ड बनाया। अब उन्हें आयुष्मान भारत योजना के तहत शासकीय और चिन्हित अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार मिल सकेगा।
श्रीमती वंजाम चिंगे का जीवन लंबे संघर्षों से भरा रहा है। वर्ष 2006 में नक्सल हिंसा के दौरान उनके पति स्वर्गीय वंजाम देवे की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद उन्होंने कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताया। ऐसे में प्रशासन की टीम का उनके घर पहुंचकर स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना उनके लिए बड़ी राहत और सम्मान का क्षण रहा।
अभियान के दौरान आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए। साथ ही स्वास्थ्य जांच भी की गई। जांच में चार मरीज मलेरिया पॉजिटिव पाए गए, जिनका तत्काल उपचार शुरू किया गया। वहीं तीन मरीजों को बेहतर उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दोरनापाल रेफर किया गया।
आयुष्मान भारत संतृप्ति अभियान का उद्देश्य दूरस्थ और पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुरक्षा पहुंचाना है। अभियान के माध्यम से केवल आयुष्मान कार्ड ही नहीं बनाए जा रहे हैं, बल्कि लोगों को समय पर जांच, उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
श्रीमती वंजाम चिंगे का उदाहरण बताता है कि जब शासन की योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तो वे केवल स्वास्थ्य सुविधा नहीं देतीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और शासन के प्रति विश्वास को भी मजबूत करती हैं।
