सरगुजा जिले के राजापुर उप तहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ कथित मारपीट के मामले को लेकर चल रही तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की हड़ताल समाप्त हो गई है। शासन के साथ हुई चर्चा और मामले में वैधानिक कार्रवाई शुरू होने के बाद छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने आंदोलन वापस लेने का निर्णय लिया है।
संघ के निर्णय के अनुसार प्रदेशभर के तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट 4 जून से अपने नियमित शासकीय कार्यों पर लौट आएंगे। इसके साथ ही राजस्व, न्यायालयीन, निर्वाचन, जनगणना तथा अन्य प्रशासनिक कार्य फिर से सामान्य रूप से संचालित होंगे।
संघ के प्रतिनिधिमंडल ने 1 जून को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री तथा विभागीय सचिव के साथ विस्तृत बैठक की थी। बैठक में राजापुर प्रकरण के अलावा अधिकारियों की सुरक्षा, स्टाफ की कमी, वाहन सुविधा, न्यायालयीन कार्यों के लिए आधारभूत ढांचे और अन्य लंबित मांगों पर चर्चा हुई। संघ के अनुसार शासन ने इन मांगों पर चरणबद्ध समाधान का आश्वासन दिया है।
संघ ने बताया कि शासन द्वारा दिए गए आश्वासन और प्रारंभिक कार्रवाई को देखते हुए प्रस्तावित सामूहिक अवकाश कार्यक्रम फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
मामले में पुलिस ने नायब तहसीलदार तुषार मानिक की शिकायत पर अपराध क्रमांक 190/2026 दर्ज किया है। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है। पुलिस के अनुसार नामजद आरोपियों नाजिम राजा और पंकज गुप्ता की उपस्थिति दर्ज की गई है तथा उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।
गौरतलब है कि सीतापुर विधानसभा क्षेत्र के राजापुर में नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ मारपीट का आरोप रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों पर लगा था। वहीं विधायक की बहन सीमा धनकी ने भी नायब तहसीलदार पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था।
विवाद के बाद दोनों पक्षों की शिकायतों पर पुलिस ने अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए थे। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस ने कहा है कि सभी पहलुओं की विवेचना की जा रही है।
हड़ताल समाप्त होने से प्रदेशभर में लंबित राजस्व और प्रशासनिक कार्यों के फिर से गति पकड़ने की उम्मीद है।
