नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह इस सप्ताह पहली बार अपने उस नियम को तोड़ने जा रहे हैं, जिसके तहत वे विदेशी राजनयिकों से आमने-सामने की व्यक्तिगत मुलाकात नहीं करते थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शाह भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव और चीन के राजदूत झांग माओमिंग से अलग-अलग मुलाकात करेंगे। इन बैठकों का आयोजन नेपाल का विदेश मंत्रालय कर रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों मुलाकातें एक ही दिन कराए जाने की संभावना है, ताकि यह संदेश दिया जा सके कि नेपाल के लिए भारत और चीन दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण साझेदार हैं। यह बैठकें प्रधानमंत्री के रूप में बालेन शाह के 100 दिन पूरे होने के बाद आयोजित की जा रही हैं।
मार्च 2026 में प्रधानमंत्री बनने के बाद बालेन शाह ने पारंपरिक कूटनीतिक व्यवस्था से अलग रुख अपनाया था। उन्होंने भारत, चीन और अमेरिका सहित कई देशों के वरिष्ठ अधिकारियों से अलग-अलग मुलाकात के अनुरोध स्वीकार नहीं किए थे। इसके बजाय उन्होंने विदेशी राजदूतों के साथ संयुक्त बैठकों को प्राथमिकता दी थी। केवल एशियाई विकास बैंक (ADB) के अध्यक्ष मासातो कांडा के साथ उन्होंने व्यक्तिगत मुलाकात की थी।
बालेन शाह के इस फैसले की नेपाल के कई पूर्व राजनयिकों और राजनीतिक विश्लेषकों ने आलोचना भी की थी। उनका मानना था कि पड़ोसी देशों और प्रमुख साझेदारों के प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत स्तर पर संवाद कूटनीतिक संबंधों को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक होता है।
प्रधानमंत्री बालेन शाह के कार्यकाल के शुरुआती 100 दिनों में भारत-नेपाल सीमा पर कस्टम ड्यूटी और राइड-शेयर चालक की आत्मदाह की घटना जैसे मुद्दों पर बड़े विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिले। ऐसे समय में भारत और चीन के राजदूतों के साथ प्रस्तावित बैठकें नेपाल की विदेश नीति और कूटनीतिक संतुलन के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
