रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 1 मई से शुरू किया गया सुशासन तिहार मंगलवार 10 जून को संपन्न हो गया। 40 दिनों तक चले इस विशेष अभियान के माध्यम से सरकार ने गांव-गांव पहुंचकर आम जनता की समस्याओं और मांगों को सुना तथा उनके निराकरण के लिए शिविरों का आयोजन किया।
अभियान के दौरान प्रदेश के सभी 33 जिलों में कुल 1,286 जन-समस्या समाधान शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में नागरिकों से बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए।
6.43 लाख आवेदन प्राप्त
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पूरे अभियान में कुल 6,43,334 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से:
- 6,17,111 आवेदन विभिन्न विकास कार्यों और जनहित संबंधी मांगों से जुड़े थे।
- 26,223 आवेदन शिकायतों से संबंधित थे।
आंकड़े बताते हैं कि कुल प्राप्त आवेदनों में शिकायतों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही, जबकि अधिकांश आवेदन नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों की मांगों से जुड़े रहे।
गांव-गांव पहुंची प्रशासनिक व्यवस्था
सुशासन तिहार के तहत प्रशासनिक अधिकारियों और विभागीय कर्मचारियों ने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में शिविर लगाकर लोगों की समस्याएं सुनीं। अभियान का उद्देश्य शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना था।
राज्य सरकार के अनुसार, इस अभियान के माध्यम से प्राप्त आवेदनों के आधार पर संबंधित विभागों द्वारा निराकरण और आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
