NEET-UG प्रश्नपत्र लीक विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए परीक्षा माफिया और संगठित धोखाधड़ी पर कड़ी कार्रवाई का संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अगले सप्ताह संसद में एक सख्त विधेयक पेश करेगी, जिसका उद्देश्य प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना और दोषियों के खिलाफ कड़े कानूनी प्रावधान लागू करना है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि प्रस्तावित विधेयक के मसौदे पर शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा होगी। मंत्रिपरिषद के सुझावों के आधार पर इसे अंतिम रूप दिया जाएगा और संसद के मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह में इसे पेश करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों के भविष्य से जुड़ी गंभीर समस्या हैं। सरकार इस मुद्दे को पूरी गंभीरता से ले रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता छात्रों का एक वर्ष बर्बाद होने से बचाना थी। इसी कारण सभी आवश्यक संसाधनों का उपयोग करते हुए 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। उन्होंने बताया कि पुनर्परीक्षा के परिणाम 19 जुलाई को घोषित किए जा चुके हैं और सफल विद्यार्थियों को अब प्रवेश प्रक्रिया में आगे बढ़ाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि सरकार केवल परीक्षा दोबारा कराने तक सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को त्वरित अदालत (फास्ट ट्रैक कोर्ट) स्थापित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रश्नपत्र लीक से जुड़े मामलों की शीघ्र सुनवाई कर दोषियों को जल्द सजा दिलाई जा सके।
