नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर लंबे समय से जारी सीजेपी (CJP) के आंदोलन को आखिरकार समाप्त करने का ऐलान कर दिया गया है। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ हुई तीसरे दौर की वार्ता के बाद आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सौरव दास और आशुतोष रांका ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदर्शन वापस लेने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार ने उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया है, जिसके बाद आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
प्रमुख मांगों पर बनी सहमति
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीजेपी नेताओं ने बताया कि आंदोलन शुरू होने से पहले संगठन ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी थीं। उनका कहना था कि सरकार ने इन मांगों पर सहमति जताई है। नेताओं के अनुसार, शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार ने आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिया है और आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों पर भी सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन दिया गया है।
एफआईआर और कार्रवाई को लेकर मिला आश्वासन
सीजेपी नेतृत्व ने दावा किया कि जिन राज्यों में भाजपा या उसके सहयोगी दलों की सरकारें हैं, वहां आंदोलन से जुड़े छात्रों और कार्यकर्ताओं पर दर्ज मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही भविष्य में आंदोलन में शामिल लोगों के खिलाफ किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई नहीं किए जाने का भी भरोसा दिया गया है। संगठन का कहना है कि सरकार इस संबंध में लिखित आश्वासन भी उपलब्ध कराएगी।
घायलों के मुआवजे और शिक्षा सुधारों पर भी बनी बात
आंदोलन के दौरान घायल हुए लोगों के लिए मुआवजे की मांग पर भी दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी। सीजेपी नेताओं के अनुसार, सरकार ने इस मुद्दे पर नियमों के अनुरूप अधिकतम राहत देने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा संगठन द्वारा सौंपे गए शिक्षा सुधारों के प्रस्तावों का अध्ययन करने और भविष्य में भी प्रतिनिधिमंडल के साथ नियमित संवाद जारी रखने पर सहमति बनी है।
सरकार और आंदोलनकारियों ने जताई संतुष्टि
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि आंदोलनकारियों ने सरकार को चार सूत्रीय लिखित प्रस्ताव सौंपा था, जिस पर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों से जुड़े मुद्दों के समाधान और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आगे भी बातचीत जारी रखेगी। वहीं, सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने आधिकारिक रूप से आंदोलन समाप्त करने की घोषणा करते हुए कहा कि सरकार की ओर से सकारात्मक पहल के बाद संगठन ने जंतर-मंतर का प्रदर्शन वापस लेने का फैसला किया है।
