कांकेर। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ अभियान के बीच आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे पूर्व नक्सलियों ने जिला प्रशासन के सामने अपनी लंबित मांगों को लेकर आवाज उठाई है। पुनर्वासित नक्सलियों ने कलेक्टर के नाम 16 सूत्रीय मांग पत्र सौंपकर सरकारी नौकरी, रोजगार, पुनर्वास सहायता राशि और इनाम के बकाया भुगतान सहित विभिन्न मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की है।
भानुप्रतापपुर ब्लॉक के चौगेल पुनर्वास केंद्र से जुड़े पूर्व नक्सलियों का कहना है कि आत्मसमर्पण के बाद सरकार की ओर से किए गए वादों को पूरा करने में देरी हो रही है। शांति का रास्ता अपनाकर समाज की मुख्यधारा में लौटने के बाद भी उन्हें आर्थिक सहायता और रोजगार जैसी सुविधाओं का इंतजार करना पड़ रहा है।
सरकारी नौकरी नहीं मिलने पर 15 लाख रुपये देने की मांग
पुनर्वासित नक्सलियों ने अपने मांग पत्र में पुनर्वास नीति का उल्लेख करते हुए कहा है कि यदि उन्हें सरकारी नौकरी या रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो नीति के तहत 15 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाए। उनका कहना है कि रोजगार और आर्थिक सहायता मिलने से वे सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे और समाज में बेहतर तरीके से पुनर्स्थापित हो पाएंगे।
इनाम की राशि का भुगतान भी लंबित
पूर्व नक्सलियों ने अपने पत्र में इनाम की राशि के भुगतान में देरी का मुद्दा भी उठाया है। उन्होंने एसी सचिव के 8 लाख रुपये के इनाम में से 5 लाख रुपये तथा डीवीसी सचिव के 10 लाख रुपये के इनाम में से 8 लाख रुपये के भुगतान की मांग की है।
जेल में बंद नक्सलियों को पुनर्वास केंद्रों में रखने की मांग
16 सूत्रीय मांग पत्र में जेल में बंद नक्सलियों और उनके समर्थकों को जल्द से जल्द पुनर्वास केंद्रों में रखने की मांग भी शामिल है। आत्मसमर्पित नक्सलियों का मानना है कि पुनर्वास की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने और अन्य लोगों को हिंसा का रास्ता छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इस दिशा में तेजी से कदम उठाए जाने चाहिए।
सम्मानजनक जीवन के लिए सहायता का इंतजार
आत्मसमर्पित नक्सलियों ने प्रशासन से उनकी लंबित मांगों पर गंभीरता से विचार करने और जल्द समाधान निकालने की अपील की है। उनका कहना है कि हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति और विकास की राह चुनने के बाद उन्हें सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ मिलना चाहिए।
फिलहाल पुनर्वासित नक्सलियों की ओर से सौंपे गए मांग पत्र के बाद जिला प्रशासन की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
