छत्तीसगढ़ सरकार ने खनिज संसाधनों के सतत विकास के साथ जनजातीय समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (CMDC) द्वारा इंडियन ओवरसीज बैंक के सहयोग से विकसित TIN (Tribal Incentives on Natural Resources) पोर्टल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय कोयला एवं खान राज्यमंत्री सतीश चंद्र दुबे, केंद्रीय शहरी आवासन राज्यमंत्री तोखन साहू और CMDC के चेयरमैन सौरभ सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि TIN पोर्टल छत्तीसगढ़ के खनिज संसाधनों को जनजातीय आजीविका से जोड़ने वाली ‘मिनरल-टू-लाइवलीहुड’ पहल है। इसका उद्देश्य बस्तर संभाग के जनजातीय समुदायों द्वारा संग्रहित टिन अयस्क की खरीदी से लेकर परिवहन, बिक्री, मूल्य निर्धारण और भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।
LME आधारित मूल्य निर्धारण से मिलेगा उचित मूल्य
पोर्टल में लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) आधारित मूल्य निर्धारण की व्यवस्था की गई है। इससे टिन संग्राहकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति के अनुरूप अधिक पारदर्शी और उचित मूल्य मिल सकेगा। वहीं डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से टिन की बिक्री की राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में पहुंचेगी।
इस व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका कम होगी और भुगतान में देरी की संभावना भी घटेगी। बैंकिंग प्रणाली से सीधे जुड़ी डिजिटल भुगतान व्यवस्था जनजातीय परिवारों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने में भी मदद करेगी।
डिजिटल रजिस्ट्रेशन से रियल टाइम मॉनिटरिंग तक
TIN पोर्टल पर टिन अयस्क के संग्रहण से लेकर भुगतान तक पूरी प्रक्रिया डिजिटल वर्कफ्लो से जोड़ी गई है। इसमें डिजिटल हितग्राही पंजीयन, बैंकिंग सेवाओं का एकीकरण, QR कोड आधारित सत्यापन, स्मार्ट कार्ड, ऑनलाइन स्टॉक प्रबंधन, भुगतान की स्वचालित गणना, ऑटोमेटेड रिपोर्टिंग और ऑडिट ट्रेल जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
CMDC मुख्यालय, क्षेत्रीय कार्यालयों और क्रय केंद्रों से रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। हितग्राहियों को SMS अलर्ट के माध्यम से भुगतान और लेन-देन की स्थिति की जानकारी भी मिल सकेगी। इससे टिन की बिक्री, स्टॉक, राजस्व और भुगतान व्यवस्था की निगरानी अधिक प्रभावी होगी।
बस्तर संभाग में छह टिन क्रय केंद्र संचालित
CMDC वर्तमान में बस्तर संभाग में छह टिन क्रय केंद्रों के माध्यम से जनजातीय हितग्राहियों से टिन अयस्क की खरीदी कर रहा है। दंतेवाड़ा जिले के बचेली, कटेकल्याण और चिकपाल तथा सुकमा जिले के तोंगपाल, नामा और चिंतलनार में ये क्रय केंद्र संचालित हैं।
अधिक से अधिक जनजातीय संग्राहकों को स्थानीय स्तर पर टिन बेचने की सुविधा देने के लिए बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा में तीन नए टिन संग्रहण एवं क्रय केंद्र स्थापित करने की योजना है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के संग्राहकों को परिवहन की कठिनाइयों से राहत मिलेगी और अधिक लोग औपचारिक क्रय व्यवस्था से जुड़ सकेंगे।
नई SOP से सरल होगी टिन खरीदी की प्रक्रिया
TIN पोर्टल के साथ CMDC ने टिन अयस्क की खरीदी से बिक्री तक की प्रक्रिया के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी लागू की है। इसके तहत प्रत्येक क्रय केंद्र के लिए अलग सैंपलिंग व्यवस्था की गई है। सैंपल की संख्या 12 से घटाकर 6 कर दी गई है और प्रत्येक सैंपल का मानकीकरण 50 ग्राम किया गया है। परीक्षण परिणामों को लेकर असहमति होने पर री-एनालिसिस का प्रावधान भी किया गया है।
इन बदलावों से प्रक्रिया अधिक सरल और व्यवस्थित होने के साथ परीक्षण एवं विश्लेषण की लागत में भी कमी आएगी। मासिक विश्लेषण शुल्क 14,400 रुपये से घटाकर 7,200 रुपये किया गया है। इससे CMDC को सालाना करीब 10 लाख रुपये तक की संभावित बचत का अनुमान है।
टिन संग्रहण से जनजातीय परिवारों को मिला आर्थिक लाभ
बस्तर के दक्षिणी क्षेत्रों में जनजातीय समुदाय लंबे समय से टिन अयस्क का संग्रहण करते रहे हैं। वर्ष 2013 में दंतेवाड़ा क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत पांच टिन अयस्क संग्रहण सहकारी समितियों का गठन किया गया था। अब TIN पोर्टल के माध्यम से इस व्यवस्था को डिजिटल तकनीक से जोड़कर टिन संग्रहण को अधिक व्यवस्थित और स्थायी आजीविका गतिविधि के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
CMDC के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में 8,707.2 किलोग्राम टिन अयस्क की खरीदी के लिए करीब 90.82 लाख रुपये का भुगतान किया गया। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में 20,895.335 किलोग्राम टिन अयस्क के लिए करीब 3.81 करोड़ रुपये का भुगतान जनजातीय हितग्राहियों को किया गया।
सरकार और CMDC के लिए बनेगा डिजिटल गवर्नेंस प्लेटफॉर्म
TIN पोर्टल केवल भुगतान की व्यवस्था नहीं है, बल्कि टिन की पूरी मिनरल वैल्यू चेन के डिजिटल प्रबंधन का प्लेटफॉर्म भी है। इसके माध्यम से सरकार को रियल टाइम राजस्व और खरीदी से संबंधित जानकारी मिलेगी। CMDC को स्टॉक ट्रैकिंग, ऑडिट, भुगतान और क्रय केंद्रों की निगरानी में सुविधा होगी।
पोर्टल से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग भविष्य की नीतियों और योजनाओं को तैयार करने में भी किया जा सकेगा। LME आधारित मूल्य निर्धारण, DBT, डिजिटल पहचान, बैंकिंग एकीकरण और रियल टाइम मॉनिटरिंग के जरिए टिन संग्राहक जनजातीय हितग्राहियों को उनके प्राकृतिक संसाधनों का अधिकतम और समयबद्ध आर्थिक लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
CMDC और इंडियन ओवरसीज बैंक के बीच हुआ एमओयू
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम और इंडियन ओवरसीज बैंक के बीच महत्वपूर्ण एमओयू भी किया गया। इस समझौते से टिन संग्रहण करने वाले हितग्राहियों को पारदर्शी भुगतान, वित्तीय सहयोग और खनिज के मूल्य संवर्धन से जुड़े अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।
