मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि दशकों तक नक्सलवाद की चुनौती झेलने वाला छत्तीसगढ़ अब शांति, विश्वास और विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। नक्सलवाद के अंधेरे से निकलकर प्रदेश विकास की नई इबारत लिख रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, अधोसंरचना, पर्यटन और आजीविका सहित हर क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है और इसके सकारात्मक परिणाम अब जमीन पर दिखाई देने लगे हैं।
मुख्यमंत्री राजधानी रायपुर में टाइम्स नाउ नवभारत डॉट कॉम द्वारा आयोजित ‘विकसित भारत-समृद्ध छत्तीसगढ़ : विकास का नया अध्याय’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ ने भी विकसित राज्य बनने का रोडमैप तैयार किया है। प्रदेश के विजन डॉक्यूमेंट में 10 प्रमुख मिशन निर्धारित किए गए हैं।
सुरक्षा और विकास की रणनीति से बदली बस्तर की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद बस्तर सहित पूरे प्रदेश के विकास में सबसे बड़ी बाधा बना रहा। सरकार बनने के बाद केंद्र और राज्य सरकार ने बेहतर समन्वय के साथ नक्सलवाद के खिलाफ नई रणनीति पर काम किया। पड़ोसी राज्यों के साथ तालमेल और सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई से अभियान को निर्णायक गति मिली।
उन्होंने कहा कि नक्सली लंबे समय तक स्कूल, अस्पताल, सड़क, पुल-पुलिया और संचार जैसी विकास परियोजनाओं का विरोध करते रहे, जिसके कारण दूरस्थ क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से कटे रहे। इसलिए सरकार ने सुरक्षा कार्रवाई के साथ-साथ विकास को भी समान प्राथमिकता दी।
‘नियद नेल्लानार’ से दूरस्थ गांवों तक पहुंचीं सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थायी शांति के लिए केवल नक्सल समस्या का समाधान पर्याप्त नहीं है। बस्तर के प्रत्येक गांव और परिवार तक विकास का लाभ पहुंचाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से ‘नियद नेल्लानार’ योजना शुरू की गई, जिसका अर्थ गोंडी भाषा में ‘आपका अच्छा गांव’ है।
इस योजना के माध्यम से दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और दूरसंचार जैसी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। क्षेत्र में 421 से अधिक स्कूल खोले गए हैं और दूरसंचार नेटवर्क का विस्तार किया गया है। विकास को और गति देने के लिए ‘नियद नेल्लानार 2.0’ भी शुरू किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत 34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है और करीब 40 हजार लोगों का उपचार किया गया है। ‘बस्तर मुन्ने’ कार्यक्रम के जरिए सरकारी अमला गांवों में पहुंचकर लोगों को योजनाओं और सेवाओं का लाभ उपलब्ध करा रहा है।
बस्तर में पर्यटन और रोजगार के नए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में शांति लौटने के साथ रोजगार, आजीविका और पर्यटन के नए अवसर भी खुल रहे हैं। पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ समझौता किया गया है। बकरी पालन और मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और जीवनशैली पर्यटकों को आकर्षित कर रही है। बस्तर का धुड़मारास गांव दुनिया के श्रेष्ठ पर्यटन गांवों में शामिल किया गया है। यहां पर्यटक होम-स्टे में रहकर स्थानीय जनजातीय जीवन और संस्कृति को करीब से अनुभव कर रहे हैं।
सरकार होम-स्टे को बढ़ावा देने के लिए ऋण और अनुदान की सुविधा दे रही है। पर्यटन को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए नई औद्योगिक नीति में पर्यटन को भी शामिल किया गया है। नक्सलवाद की समाप्ति के बाद खाली हो रहे करीब 70 सुरक्षा कैंपों को ‘सेवा डेरा’ के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
हिंसा छोड़ने वालों के लिए पुनर्वास की नीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की रणनीति केवल सुरक्षा कार्रवाई तक सीमित नहीं रही। हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वालों के लिए बेहतर आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति तैयार की गई है। बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा का रास्ता चुना है।
उन्होंने कहा कि बस्तर में तेजी से पहुंचता विकास और लोगों के जीवन में आ रहा सकारात्मक बदलाव उन लोगों के लिए सबसे प्रभावी जवाब है, जो अभी भी भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
शिक्षा और रोजगार पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है। राज्य निर्माण के समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि अब 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। आईआईटी, आईआईएम और ट्रिपल आईटी जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान भी प्रदेश में संचालित हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिल्ली में यूथ हॉस्टल के माध्यम से युवाओं को सहयोग दिया जा रहा है। प्रदेश में 34 नालंदा परिसरों का निर्माण किया जा रहा है, जहां विद्यार्थियों को अध्ययन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के माध्यम से छत्तीसगढ़ में उद्योग और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। अब तक करीब 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सरकार की प्राथमिकता निवेश के साथ युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना है।
उन्होंने बताया कि एक हजार युवाओं को रोजगार देने वाले उद्यमों के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में आने वाला निवेश रोजगार और आर्थिक विकास का मजबूत आधार बने।
प्राकृतिक संसाधन और मानव शक्ति छत्तीसगढ़ की ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ संभावनाओं से भरपूर राज्य है। प्रदेश का करीब 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है और यहां लोहा, बॉक्साइट, लिथियम, सोना सहित अनेक खनिज संसाधन उपलब्ध हैं। छत्तीसगढ़ देश का एकमात्र टिन उत्पादक राज्य भी है। प्राकृतिक संसाधनों के साथ प्रदेश की मेहनतकश मानव शक्ति इसकी सबसे बड़ी ताकत है।
उन्होंने विश्वास जताया कि इन क्षमताओं का बेहतर उपयोग कर छत्तीसगढ़ आने वाले वर्षों में देश के विकास में बड़ी भूमिका निभाएगा और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में विकसित छत्तीसगढ़ अपनी सशक्त भागीदारी निभाएगा।
किसान परिवार से मिली मेहनत और जिम्मेदारी की सीख
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अपनी जीवनयात्रा का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वे किसान परिवार से आते हैं और बचपन से खेती से जुड़े रहे। दस वर्ष की उम्र में पिता के निधन के बाद परिवार के बड़े बेटे के रूप में कम उम्र में जिम्मेदारियां संभालनी पड़ीं। खेती के दौरान उन्होंने मेहनत, धैर्य और जिम्मेदारी का महत्व सीखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति में आने की उनकी पहले से कोई योजना नहीं थी। गांव के लोगों के आग्रह पर पहली बार वार्ड पंच का चुनाव लड़ा और सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। इसके बाद निर्विरोध सरपंच चुने गए और वर्ष 1990 में तपकरा विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक बने। बाद में अविभाजित मध्यप्रदेश में दो बार विधायक और रायगढ़ से चार बार सांसद के रूप में जनता की सेवा की।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर मिला और अब छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश की सेवा की जिम्मेदारी मिली है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में मिली हर जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाने का प्रयास किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद की बाधा दूर होने के साथ बस्तर सहित पूरा छत्तीसगढ़ विकास की नई गति पकड़ रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध प्रदेश मानव विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, उद्योग और पर्यटन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।
