दुर्ग जिले में जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान हुए विवाद के बाद जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) रूपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन पर आम नागरिकों के साथ कथित अभद्र व्यवहार और शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही के आरोप लगे हैं।
दुर्ग जिले के ग्राम थनौद में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान भाजपा नेता पुराण देशमुख और सीईओ रूपेश कुमार पाण्डेय के बीच हुई तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच कराई। प्रारंभिक जांच में अधिकारी का व्यवहार अनुचित पाए जाने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
प्राप्त जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर संभाग आयुक्त कार्यालय ने निलंबन का आदेश जारी कर दिया। साथ ही जनपद पंचायत दुर्ग के सीईओ का अतिरिक्त प्रभार महेंद्र कुमार जांगड़े को सौंपा गया है।
निलंबन के बाद रूपेश कुमार पाण्डेय ने कार्रवाई को राजनीतिक साजिश बताया है। उनका कहना है कि विवादित व्यक्ति पुराण देशमुख भाजपा पदाधिकारी हैं और उनकी पत्नी के खिलाफ 2.40 लाख रुपये की शासकीय राशि की वसूली का मामला लंबित है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्वयं पुराण देशमुख पर 75 हजार रुपये की बकाया राशि का प्रकरण चल रहा है।
पाण्डेय के अनुसार इन मामलों को समाप्त कराने के लिए उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो केवल 7 सेकंड का है, जबकि वास्तविक वीडियो 55 सेकंड का है, जिसमें पहले उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया था। उन्होंने निलंबन आदेश के खिलाफ मुख्य सचिव और आवश्यक होने पर उच्च न्यायालय में अपील करने की बात कही है।
वहीं भाजपा नेता पुराण देशमुख ने आरोप लगाया कि उनकी शिकायतों को दबाने का प्रयास किया गया। उनका कहना है कि सामुदायिक भवन निर्माण से जुड़े मामले में उन्हें न्याय नहीं मिला और सुशासन तिहार के दौरान शिकायत करने पर सीईओ ने उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया।
मामला अब प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय बन गया है।
