एंटी करप्शन ब्यूरो ने बिलासपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए कलेक्ट्रेट में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी विजय पांडेय को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
आरोपी पर शिकायतकर्ता से 15 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप है। बताया जा रहा है कि वह पहले ही 5 हजार रुपये ले चुका था और बाकी रकम की मांग कर रहा था।
‘1 लाख का जुर्माना लगेगा’ कहकर डराया
मामला देवेंद्र कश्यप से जुड़ा है, जो कोटा क्षेत्र में होटल संचालित करते हैं। जानकारी के अनुसार अगस्त 2025 में खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा उनके होटल की जांच की गई थी, जिसमें पेड़ा खुली अवस्था में मिलने पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।
यह प्रकरण एडीएम एवं न्याय निर्णयन अधिकारी कार्यालय में लंबित था। आरोप है कि इसी दौरान विजय पांडेय ने शिकायतकर्ता को यह कहकर डराया कि उस पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है और मामले में राहत दिलाने के बदले रिश्वत की मांग की।
शिकायत के बाद ACB ने बिछाया जाल
पीड़ित ने मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से की थी। सत्यापन के दौरान यह सामने आया कि आरोपी पहले ही 5 हजार रुपये ले चुका था और 15 हजार रुपये की दूसरी किश्त मांग रहा था। इसके बाद ACB टीम ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया।
सक्ती में ASI भी गिरफ्तार
इसी तरह सक्ती जिले के चंद्रपुर थाना में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक एस.एन. मिश्रा को भी 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है।
शिकायतकर्ता शिव प्रसाद बरेठ ने आरोप लगाया था कि मारपीट के मामले में कड़ी कार्रवाई से बचाने के बदले ASI ने 40 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। जांच में सामने आया कि आरोपी पहले ही 20 हजार रुपये ले चुका था।
इसके बाद ACB ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए चंद्रपुर के एक ढाबे में दूसरी किश्त लेते समय आरोपी ASI को गिरफ्तार कर लिया।
